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SIR : शादी कर बदला पता, वोटर लिस्ट से गायब हुईं 12 लाख महिलाएं, रायपुर में पांच लाख

SIR in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने लोकतंत्र की जड़ में बैठे सबसे बड़े वर्ग महिलाओं को ही बाहर कर दिया है। ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Sun, 28 Dec 2025 01:03:43 PM (IST)Updated Date: Sun, 28 Dec 2025 01:03:43 PM (IST)
SIR : शादी कर बदला पता, वोटर लिस्ट से गायब हुईं 12 लाख महिलाएं, रायपुर में पांच लाख
शादी कर बदला पता, वोटर लिस्ट से गायब हुईं 12 लाख महिलाएं।

HighLights

  1. एक नाम, दो महिलाएं, वोट अधर में
  2. गलती फॉर्म की, सजा महिलाओं को
  3. एक ही मकान में मिले 150 वोटर

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। शादी के बाद घर बदला, नाम बदला, पहचान बदली… और नतीजा यह कि मतदाता सूची से नाम ही गायब हो गया। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने लोकतंत्र की जड़ में बैठे सबसे बड़े वर्ग महिलाओं को ही बाहर कर दिया है। प्रारंभिक सूची में 27 लाख से अधिक नाम कटे, जिनमें 12 लाख से ज्यादा महिलाएं हैं।

अधिकारियों की भाषा में यह शिफ्टिंग है, लेकिन महिलाओं के लिए यह लोकतांत्रिक बेदखली बन गई। शहर में इसकी संख्या एक लाख 20 हजार के आसपास है। प्रदेश में महिलाओं के नाम कटने की सबसे बड़ी वजह शादी बताई जा रही है। मायके से ससुराल गई महिला ने वोटर आइडी में पता बदला, आधार कार्ड लगाया, फिर भी 2003 की सूची से नाम नहीं मिलने पर उसका मताधिकार छीन लिया गया।


गुढ़ियारी की एक महिला ने एसआइआर फॉर्म में पति का नाम रिश्तेदार के रूप में भरा, लेकिन 2003 की सूची में पति की जानकारी डालते ही सिस्टम ने एंट्री खारिज कर दी। नतीजा नाम कट गया।

एक नाम, दो महिलाएं, वोट अधर में

बीएलओ ने बताया कि कई मामलों में महिला और उसके पति का नाम किसी दूसरी महिला और उसके पति से हू-ब-हू मिल गया। नाम और पति का नाम समान होने पर सिस्टम ने दोनों के नाम होल्ड कर दिए। अब इन महिलाओं को दावा-आपत्ति में अपनी पहचान साबित करनी होगी।

गलती फॉर्म की, सजा महिलाओं को

19 लाख से अधिक नाम ऐसे कटे, जिनमें फॉर्म भरने की गलती, पुराने दस्तावेज और बीएलओ की लापरवाही सामने आई। कहीं आधार नया था, तो वोटर कार्ड पुराना। कहीं एड्रेस बदला था, तो प्रमाण नहीं मिला। इसका सीधा असर महिलाओं पर पड़ा, क्योंकि ज्यादातर ने शादी के बाद पता बदला था।

एक मकान, 150 वोटर और असली महिलाएं बाहर

जहां असली महिला मतदाताओं के नाम कट रहे हैं। वहीं बीरगांव के गाजी नगर में एक ही मकान में 150 वोटर दर्ज मिले। कई मकानों में 40-50 नाम पाए गए। गुढ़ियारी के महावीर स्कूल और सियान सदन में एसआइआर के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं नाम जुड़वाने पहुंचीं। कई महिलाओं को पहली बार पता चला कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है ही नहीं।

यह भी पढ़ें- SIR: रायपुर जिले में हर तीसरा मतदाता सूची से गायब, जिले की सात विधानसभाओं में पांच लाख से ज्यादा नाम सूची से बाहर

अब फिर से साबित करनी होगी पहचान

रायपुर जिले के उप निर्वाचन अधिकारी नवीन ठाकुर का कहना है कि अधिकतर नाम दोबारा जुड़ जाएंगे। लेकिन इसके लिए महिलाओं को फिर से आवेदन, दस्तावेज और दफ्तरों के चक्कर लगाने होंगे। लोकतंत्र में बराबरी की बात करने वाले सिस्टम में आज महिला मतदाता को यह साबित करना पड़ रहा है कि वह मौजूद हैं।