Snake Bite: सांप के काटने पर घबराएं नहीं, प्राथमिक चिकित्सा और एक्सपर्ट के इन बातों का रखें ध्यान
Snake Bite: छत्तीसगढ़ समेत भारत में सांप काटने का इलाज कम जागरुकता के कारण नहीं हो पाता है। आज भी भारत में लोग सांप काटने पर झाड़-फूंक पर विश्वास करते हैं, और इस अंधविश्वास के चलते अपनी जान गंवा बैठते हैं।
By Ashish Kumar Gupta
Edited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Fri, 02 Dec 2022 09:49:56 AM (IST)
Updated Date: Fri, 02 Dec 2022 09:49:56 AM (IST)

रायपुर। Snake Bite: छत्तीसगढ़ समेत भारत में सांप काटने का इलाज कम जागरुकता के कारण नहीं हो पाता है। आज भी भारत में लोग सांप काटने पर झाड़-फूंक पर विश्वास करते हैं, और इस अंधविश्वास के चलते अपनी जान गंवा बैठते हैं। सांप काटने पर फर्स्ट एड अगर समय रहते कर दिया जाए तो पीड़ित के बचने की संभावना 70 फीसदी तक बढ़ जाती है। सर्प दंश के उपचार को लेकर डाक्टर भीमराव आंबेडकर अस्पताल रायपुर में आपात चिकित्सा अधिकारी डाक्टर विनय वर्मा ने चिकित्सकीय सलाह दी है।
डाक्टर विनय वर्मा ने बताया कि सांप काटने के लक्षणों के आधार पर ही सांप काटने का इलाज किया जा सकता है, लेकिन सांप काटने का इलाज करने के लिए सांप की प्रजाति के बारे में पता होना चाहिए। हालांकि, सांप काटने के लक्षणों में कुछ बातें सामान्य होती हैं। जहां पर सांप काटता है, वहां पर दो पंक्चर किए हुए घाव रहते हैं। सांप द्वारा काटे गए स्थान पर बहुत तेज दर्द होता है, लेकिन ये जरूरी नहीं है कि दर्द हर किसी को हो। कुछ मामलों में जब करैत सांप काटता है तो बिल्कुल भी दर्द नहीं होता है, लेकिन यह जानलेवा हो सकता है। सांप द्वारा काटे गए स्थान पर लालिमा, सूजन और टिश्यू का डैमेज होना।
सांप काटने पर प्राथमिक उपचार
डा विनय वर्मा ने बताया कि जितनी जल्दी हो सके एम्बुलेंस या डॉक्टर को फोन करें। सांप काटने के समय को नोट करें। सांप को पकड़े या मारे नहीं। संभव हो तो सांप का फोटो खींच लें। ऐसा करने से डॉक्टर से सांप काटने का इलाज करने में आसानी होगी। क्योंकि सांप काटने का इलाज अक्सर सांप के एंटीवेनम से ही होता है।
ज्वैलरी या घड़ी अगर सांप काटने वाले स्थान पर हैं या उसके आस-पास हैं तो तुरंत उतार दें। क्योंकि जब त्वचा में सूजन आने लगती है तो उससे त्वचा पर घाव हो सकते हैं। जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे दिल से नीचे की ओर रखें। ताकि ब्लड का फ्लो कम हो जाए और जहर तेजी से ना फैल सके। मरीज को शांत कराएं। उन्हें नार्मल फील करने के लिए कहें। क्योंकि अगर वह डरकर हिलने-डुलने लगेंगे तो जहर तेजी से शरीर में फैलेगा। सांप द्वारा काटे गए स्थान को ढीले और सूखे बैंडेज से कवर करें। सांप काटने के बाद मरीज को चलाए नहीं, उसे एम्बुलेंस द्वारा ही अस्पताल ले कर जाएं।
सांप काटने का प्राथमिक उपचार से जुड़े मिथ्स
डाक्टर विनय वर्मा ने बताया कि हमें सांप काटने का इलाज करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। सांप के काटने पर झाड़-फूक और जड़ी-बूटी आदि के द्वारा इलाज के चक्कर में समय न गंवाएं, क्योंकि सर्पदंश के मामले में एक क्षण की भी देरी पीड़ित के लिए मौत का सबब बन सकती है। सांप काटने के बाद लोग सांप को मारने लगते हैं। ऐसे में सांप दोबारा काट सकता है।
डाक्टर विनय वर्मा ने बताया कि सांप काटने पर लोग काटे हुए स्थान के ऊपर पट्टी बांधने लगते हैं, ताकि जहर ऊपर ना फैल सके। ऐसा कतई न करें। सांप काटे हुए स्थान पर किसी भी प्रकार का चीरा ना लगाएं। सांप के जहर को मुंह से चूस कर थूंकने का प्रयास न करें। सांप द्वारा काटे हुए स्थान पर बर्फ ना लगाएं। सांप द्वारा काटे हुए स्थान को पानी से ना धोएं। मरीज को शराब ना पिलाएं। कैफीन युक्त पेय पदार्थ पीने के लिए मरीज को ना दें।
सर्पदंश के लक्षण
- असामान्य ब्लीडिंग और खून का जमना।
- लो ब्लड प्रेशर और शॉक लगना।
- मितली और उल्टी आना।
- सांस लेने में परेशानी होना।
- धुंधला दिखाई देना।
- मुंह में ज्यादा मात्रा में लार बनना।
- ज्यादा पसीना होना।
- चेहरे और हाथों-पैरों में सुन्नपन महसूस होना।