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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज मान्यता मामले में तीन आरोपी डॉक्टर निलंबित, CBI ने किया था गिरफ्तार

रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज मान्यता मामले में आरोपी तीनों डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया है। कर्नाटक के मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से यह आदेश ज...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Thu, 18 Sep 2025 02:02:14 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Sep 2025 02:09:19 PM (IST)
रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज मान्यता मामले में तीन आरोपी डॉक्टर निलंबित, CBI ने किया था गिरफ्तार
आरोपी डॉक्टर निलंबित

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया,रायपुर: रावतपुरा मेडिकल कॉलेज मान्यता मामले में फंसे तीन डॉक्टरों को कर्नाटक की मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने निलंबित कर दिया है। ये सभी डॉक्टर मेडिकल कालेज का निरीक्षण करने जुलाई महीने में रायपुर आए थे। इस दौरान सीबीआई की टीम ने मान्यता दिलाने के एवज में 55 लाख रुपये रिश्वत के साथ कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था।

निलंबित डॉक्टरों में राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद की सदस्य डॉ.चैत्रा एमएस, एसोसिएट प्रोफेसर (अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु),डॉ. मंजप्पा सीएन, प्रोफेसर और प्रमुख (आर्थोपेडिक्स विभाग, मंड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज),डॉ. अशोक शेलके, असिस्टेंट प्रोफेसर (कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, बीदार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) शामिल है।


डॉक्टरों पर नवा रायपुर स्थित रावतपुरा चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान संस्थान के लिए पाजिटिव इंस्पेक्शन रिपोर्ट जारी करने का आरोप है। जांच में सामने आया कि इंस्पेक्शन प्रोग्राम और मूल्यांकनकर्ताओं की पहचान कॉलेज को पहले ही लीक कर दी गई थी। संस्थान ने रिकार्ड और दस्तावेज पहले से तैयार कर लिए ताकि मानकों को पूरा करता हुआ दिखाया जा सके। इस तरीके से कॉलेज को सीट मंजूरी मिल गई।

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इस मामले में कुल 34 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने नामजद एफआइआर दर्ज किया है। इनमें मंत्रालय, नेशनल मेडिकल कमीशन और कई अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

गौरतलब है कि मामले के खुलासे के बाद सीबीआई ने आरोपी डॉक्टरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। साथ ही इस वर्ष के लिए रावतपुरा चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान संस्थान की मान्यता को रद्द करते हुए इस वर्ष जीरो इयर घोषित कर दिया गया है। इस साल प्रदेश के रावतपुरा कॉलेज को मान्यता नहीं मिलने के कारण मेडिकल की सीटें कम हो गई। जिसके बाद प्रदेश के 3 निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गई हैं।