रायपुर। मेरी आन तिरंगा है, मेरी शान तिरंगा है, मेरी जान तिरंगा है... इस गीत के साथ रविवार सुबह सात बजे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 15 किलोमीटर लंबे तिरंगे की रैली निकली। स्कूली बच्चे और शहरवासी मानव श्रृंखला बनाकर दोनों ओर से तिरंगे झंडे को पकड़कर चल रहे हैं। देश-भक्ति से ओतप्रोत रायपुर के लगभग 8,500 स्कूली बच्चे के साथ शहरवासी भी इसमें शामिल हुए हैं। आमापारा से एनआइटी होते हुए साइंस कॉलेज के ग्राउंड से वापस आमापारा तक 15 किलोमीटर लंबा तिरंगा फहराया जा रहा है। इस तिरंगे को 18 कारीगरों ने 15 दिन मेहनत कर तैयार किया है। इसे बनाने में 1100 किलो कपड़ा लगा है। इसे वसुधैव कुटुम्बकम संस्था की ओर से तैयार करवाया गया है।

ऐसे हुआ रैली का शुभारंभ

- सुबह सात बजे आमापारा से रैली की शुरुआत हुई।

- पहले बंगाली समुदाय द्वारा धुनची आरती की गई।

- तिरंगा रैली की शुरुआत में पुलिस बैंड द्वारा मार्च पास्ट किया गया।

- दस दिव्यांग बच्चों ने व्हीलचेयर पर मार्च पास्ट कर रैली निकाली।

- 200 स्कूली बच्चों द्वारा विभिन्न् झाकियां प्रस्तुत की गईं।

- 51 पंडितों ने मंत्रोचार कर रैली की शुरुआत की।

रैली के साथ नईदुनिया रक्षा-रथ

रविवार सुबह तिरंगे की रैली के साथ नईदुनिया रक्षा-रथ भी शहर में घूम रहा है। सीमा पर तैनात जवानों के लिए राखी एकत्र करने के लिए रक्षा-रथ कई दिनों से शहर में घूम रहा है। इसमें शहर के स्कूलों, कॉलेजों और शहरवासियों से राखी, ग्रीटिंग कार्ड व संदेश पत्र कलेक्ट कर के जवानों को भेजा जा रहा है। इस मकसद से तिरंगे की रैली के साथ रक्षा रथ घूम रहा है। जिनको राखी व ग्रीटिंग कार्ड देना है वह रथ में जमा करा सकते हैं।