Raipur: हाथ नहीं, फिर भी बनवाया लर्निंग लाइसेंस, सुविधा केंद्र का लाइसेंस दो माह के लिए निलंबित
सुविधा केंद्र संचालक द्वारा आवेदक तिलक साहू की ओर से आवेदन के दौरान हाथ नहीं होने की जानकारी छुपाया जाना बताया। ...और पढ़ें
By Vinita SinhaEdited By: Vinita Sinha
Publish Date: Mon, 03 Apr 2023 08:32:17 PM (IST)Updated Date: Mon, 03 Apr 2023 08:32:17 PM (IST)

रायपुर। Raipur News बिना हाथ के चालक को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने का एक अनोखा मामला सामने आया है। जिसमें आवेदक के बाएं हाथ का कलाई के नीचे का हिस्सा यानी कि हथेली है ही नहीं और उसे लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया गया है। वहीं, स्थायी लाइसेंस बनवाने के दौरान जब आवेदक आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) पहुंचा, तब इस पूरे मामले का राजफाश हुआ। इस पर आरटीओ द्वारा लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले पंडरी स्थित यूनिक एंटरप्राइजेज नामक एक परिवहन सुविधा केंद्र को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया।
इस दौरान सुविधा केंद्र संचालक द्वारा आवेदक तिलक साहू की ओर से मोटरसाइकिल व लाइट मोटर व्हीकल के लिए आवेदन के दौरान हाथ नहीं होने की जानकारी छुपाया जाना बताया और अपनी गलती स्वीकारते हुए भविष्य में दोहराव नहीं होने की बात कही। इस पर परिवहन विभाग द्वारा मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उक्त सुविधा केंद्र का दो माह के लिए लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
दिव्यांग की जगह सामान्य श्रेणी में किया आवेदन
परिवहन विभाग द्वारा सभी सुविधा केंद्र संचालकों को प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांगों और सामान्य लोगों के लिए आवेदन की प्रक्रिया स्पष्ट समझाई गई है। लेकिन उक्त आवेदक के दिव्यांग होने के बावजूद उसका सामान्य श्रेणी में आवेदन कर दिया गया। इसकी वजह से अधिनियम का उल्लंघन करने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की गई।
दिव्यांगों को मिलता है एडाप्टेड लाइसेंस
दिव्यांगों के लिए लाइसेंस बनवाने के लिए प्रक्रिया सामान्य की तुलना में अलग है। इसमें उनके द्वारा मेडिकल सर्टिफिकेट देने के साथ ही गाड़ी को भी उनके हिसाब से मोडिफाई करवाया जाता है। वहीं, लर्निंग लाइसेंस जारी करने के दौरान आवेदक भौतिक रूप से परिवहन कार्यालय में उपस्थित नहीं होता है। इसलिए इस तरह की गड़बड़ियां स्थायी लाइसेंस जारी करने के समय सामने आती हैं।
रायपुर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शैलाभ साहू का कहना है कि आवेदक लर्निंग लाइसेंस के किसी भी परिवहन सुविधा केंद्र से आवेदन कर सकता है। सुविधा केंद्र द्वारा दिव्यांग की जगह सामान्य श्रेणी में आवेदन भरा गया। स्थायी लाइसेंस के सत्यापन के दौरान मामला प्रकाश में आया, जिसके आधार पर संबंधित सुविधा केंद्र का लाइसेंस दो माह के लिए निलंबित किया गया है।