
रायपुर, मधुकर दुबे (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नारियल फूटने यानी लोकार्पण से पूर्व ही रामनगर के भारतमाता चौक पर बनी 49 लाख लीटर क्षमता वाली पानी टंकी में लीकेज होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2019 में ढाई करोड़ की लागत से अमृत मिशन के तहत बनी इस टंकी का दो हफ्ते बाद लोकार्पण होना था। इससे पहले लीकेज होने से नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से निर्माण कार्य में धांधली की पुष्टि हुई। इससे जिम्मेदारों के हाथ-पांव फूल गए हैं। बता दें कि पिछले दो माह से इस पानी टंकी से लीकेज हो रहा है, धीरे-धीरे पानी के बहने का दायरा बढ़ता गया।
सूत्रों के मुताबिक कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पानी टंकी और पाइप लाइन बिछाने के लिए करोड़ों के टेंडर हासिल किए हैं। इसे पाइप लाइन बिछाने की भी जिम्मेदारी मिली है। पूर्व में भी कई निर्माण कार्यों में खामियां पाई गईं थी। इसके बावजूद फर्म के रसूख के चलते अधिकारियों के इशारे पर उसे निगम में ठेकेदारी के काम मिलते रहे हैं।
पानी टंकी की पाइप लाइन, हौज और पीलर भी मानक के अनुरूप नहीं बने हैं। पहली ही टेस्टिंग में लीकेज होने से इसके भविष्य में खड़े रहने पर भी संशय है। खामी सामने आने के बाद निगम के अधिकारी ठेकेदार से जबाव-तलब करने के बजाय खुद विभागीय खर्च से लीकेज बंद कराने में लगे हैं।
कागजों के आधार पर तकनीकी गुणवत्ता पर मुहर और भुगतान
निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस कदर कंस्ट्रक्शन कंपनी पर मेहरबान हैं कि उन्होंने कागजों के आधार पर पानी टंकी की गुणवत्ता पर मुहर लगा दी। मौके पर जाकर जांच किए बिना ही ढाई करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिए।
कई किस्तों में दी निर्माण की राशि
कई किस्त में कंस्ट्रक्शन कंपनी को निर्माण के दौरान भुगतान किया गया। नियमतः चरणबद्ध काम होने के बाद ही राशि देने का प्रावधान है। इसे ताक पर रखकर अधिकारियों ने धड़ाधड़ भुगतान की प्रक्रिया अपनाई।
इन इलाकों में होगी पानी की आपूर्ति
रामनगर, गुढ़ियारी, कोटा, वाटिका नगर, बिजली आफिस सहित अन्य इलाकों में इस पानी पानी टंकी से सप्लाई होगी।
टेस्टिंग की जा रही है। लीकेज मिला है, जिसे दुरुस्त कराया जा रहा है। - यूके राठिया, नोडल अधिकारी, अमृत मिशन