
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि माओवादी हिंसा से मिले घावों पर मरहम लगाकर हर पीड़ित को सम्मानपूर्ण जीवन देना सरकार का संकल्प है। माओवादियों की हर निशानी मिटाकर बस्तर को फिर से हंसता-खेलता और खुशहाल बनाया जाएगा।
हिंसा से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए केंद्र सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है।
शाह ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दंतेवाड़ा में आयोजित निश्शुल्क दिव्यांगजन कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी शामिल हुए। शाह ने बताया कि दंतेवाड़ा में तीन दिवसीय शिविर के पहले चरण में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिए गए। इससे पहले जगदलपुर शिविर में 3,600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे।
बस्तर में पुनर्वास और विकास के प्रयासों का ब्योरा देते हुए शाह ने कहा कि अब तक 8,526 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें से 7,328 के बैंक खाते खोले गए, 4,55 लोगों को नौकरियां दी गईं, 4,014 आवास दिए गए और 2,808 परिवारों को निश्शुल्क बिजली उपलब्ध कराई गई।
बस्तर के 200 से अधिक सुरक्षा शिविरों को सेवा, कौशल विकास और रोजगार केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी शुरुआत नेतानार से हो चुकी है। दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, 431 नए स्कूल, राशन दुकानें और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम ने युवाओं और संस्कृति को नया मंच दिया है। डेयरी विकास के साथ इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार की सिंचाई परियोजनाओं के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे 80 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी।
साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि माओवाद से मुक्त बस्तर के हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना, युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना और परिवारों के जीवन में खुशहाली लाना सरकार का संकल्प है। दशकों तक हिंसा और भय झेलने वाला बस्तर अब शांति, समृद्धि और विकास की नई पहचान बनेगा।
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