
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। बंगाल की खाड़ी में आकार ले रहे संभावित चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) को लेकर केंद्र सरकार सतर्क (CG Weather Forecast) हो गई है। सोमवार को भारत सरकार के कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक की।
बैठक में कैबिनेट सचिव ने तूफान से निपटने के लिए राज्यों द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियों और आपदा प्रबंधन के इंतजामों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मंत्रालय (महानदी भवन) से आयोजित इस वीसी में छत्तीसगढ़ की ओर से अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ शामिल हुए। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से चक्रवात से निपटने के लिए की गई पूर्व तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। राज्य प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों का ब्योरा केंद्र के सामने रखा गया।
अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने बताया कि राज्य प्रशासन संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। विशेष रूप से दक्षिण बस्तर क्षेत्र में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सतर्क कर दिया गया है। मौसम विभाग के अनुमान के बाद बस्तर संभाग में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
आपदा से निपटने के लिए तैयारियों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि SDRF की 7 टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ तैनात कर दी गई हैं। NDRF और होमगार्ड की टीमों को भी आपातकालीन स्थिति के लिए अलर्ट पर रखा गया है।
संभावित प्रभावित इलाकों में राहत शिविर, स्वास्थ्य सेवाएं, खाद्य सामग्री, परिवहन और संचार व्यवस्था से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आवश्यकता पड़ने पर आम नागरिकों को सुरक्षित स्थानों (शेल्टर होम) पर पहुंचाने की पुख्ता व्यवस्था की गई है।
बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने राज्यों को निर्देशित किया कि 'शून्य जनहानि' (Zero Casualty) के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पेड़ों के गिरने, दीवारों के ढहने या जलभराव के दौरान लोगों की लापरवाही से होने वाले हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
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साथ ही, समय पर चेतावनी जारी करने, राज्य व जिला प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय और जरूरत पड़ने पर तुरंत विस्थापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र ने सभी राज्यों को आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा है।