रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Illegal Child Shelter: मंत्रालय के समीप अवैध रूप से बाल गृह का संचालन करने वाली संस्था लाइफ शो फाउंडेशन, (लाइफ शो शिक्षा एवं सामाजिक कल्याण समिति) के संचालक नरेश महानंद के खिलाफ जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज करने महिला एवं बाल विकास विभाग ने कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। गौरतलब है कि बिना अनुमति लिए नवा रायपुर के सेक्टर-29 स्थित सीनियर एमआइजी 427 में अवैध बालगृह का संचालन किया जा रहा था।

इस पर जिला बाल संरक्षण इकाई चाइल्ड लाइन ने निरीक्षण कर 19 बच्चों को माना स्थित शासकीय बालगृह भेजा। इसमें सात से 10 साल तक के 10 बालक और नौ बालिकाएं हैं। इनमें से 18 बच्चे मध्यप्रदेश के जिला मंडला और एक जिला बालाघाट के रहवासी हैं। सभी एकल माता-पिता अथवा अक्षम परिवार से हैं। बताया जा रहा है कि बाल गृह का संचालन 20 दिनों से किया जा रहा था।

बकायदा ब्रोशर प्रकाशित करके नवा रायपुर में अनाथ आश्रम बनाने के लिए चंदा भी मांगा जा रहा था। महिला बाल विकास विभाग ने पत्र में कहा है कि संचालक शहर से बाहर है। उसे समस्त बच्चों के पंजीयन संबंधी दस्तावेज लाने के लिए फोन पर निर्देशित किया गया है। कुछ बालकाें का नवा रायपुर के स्कूल में प्रवेश भी दिलाया गया है।

चलाए जा रहे बालगृह पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने कार्रवाई करके 20 बच्चों को अपने कब्जे में लिया और उन्हें माना बाल गृह में भेजा। 10 बालकों को शासकीय बालक बाल गृह एवं नौ बालिकाओं को एसओएस बालिका गृह माना में संरक्षित किया गया है।

वर्जन

जेजे एक्ट के तहत बिना विभाग से अनुमति लिए बाल गृह चलाने वाले पर कार्रवाई करने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत अनुमति लेकर बाल गृहों का संचालन करना और बालक-बालिका को अलग-अलग रखना, उनकी सुविधाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। इसका उल्लंघन किया जा रहा था।

- अशोक पांडेय, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग

Posted By: Shashank.bajpai

NaiDunia Local
NaiDunia Local