डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी देवी पीठ की भव्यता बढ़ाएगा डेढ़ क्विंटल वजन का पीतल का बना 15 लाख का शेर
डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी देवी के पीठ में नवरात्र के पहले दिन डेढ़ क्विंटल वजनी पीतल की शेर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 09:26:33 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 09:28:29 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो।HighLights
- 12 किलो लगभग सोने का उपयोग हो चुका है मंदिरों की सजावट में
- 1.25 करेाड़ रुपये लगभग खर्च होते हैं नवरात्र की व्यवस्थाओं में
- इस बार अंबर थीम में सजावट से रोशन होगा अलौकिक धाम
विक्रम बाजपेयी, नईदुनिया राजनांदगांव। डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी देवी के पीठ में नवरात्र के पहले दिन डेढ़ क्विंटल वजनी पीतल की शेर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह शेर अब माता के दरबार की भव्यता बढ़ाएगा। इसकी लागत लगभग 15 लाख रुपये है। नासिक के श्रद्धालु नंदेश मुरलीधर येंडे ने इसे इंदुमति येंडे की स्मृति में ट्रस्ट को दान किया है।
यह शेर लगभग चार फीट ऊंचा अर्ध्द मुद्रा में है। इसे पहाड़ की तलहटी पर स्थित मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर के गर्भगृह के सामने स्थापित किये जाने की तैयारी है। क्वांर नवरात्र के पहले दिन, 11 अक्टूबर से श्रद्धालुओं इसके दर्शन होंगे। प्रतिमा डोंगरगढ़ लाई जा चुकी है।
पहाड़ स्थित मंदिर में ध्वजा दंड बनाने की तैयारी
अब तक पहाड़ स्थित बड़ी बम्लेश्वरी देवी और नीचे स्थित छोटी बम्लेश्वरी देवी के मंदिर में 10 से 12 किलो सोना सजावट में उपयोग किया जा चुका है। इस वर्ष भी नीचे मंदिर की तर्ज पर पहाड़ स्थित मंदिर में ध्वजा दंड बनाने की तैयारी है, जिसमें स्वर्ण पत्तर लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही पूर्व में स्थापित कलश में भी सोने की कारिगरी फिर से की जाएगी। दोनों में लगभग 2100 ग्राम सोने की आवश्यकता होगी।
400 ग्राम सोने का मुकुट मातारानी के श्रृंगार का अभिन्न हिस्सा
छोटी मां बम्लेश्वरी मंदिर में कई वर्ष पहले ही गर्भगृह, कलश और ध्वजादंड में सोने का उपयोग किया जा चुका था। वर्ष 2023 में ऊपर मंदिर में भी ढाई से तीन किलो सोने से गर्भगृह सजाया गया। अप्रैल 2024 में चैत्र नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु द्वारा गुप्त दान किया गया 400 ग्राम सोने का मुकुट मातारानी के श्रृंगार का अभिन्न हिस्सा है।
1600 फीट ऊंचे पहाड़ों पर मां विराजमान हैं
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में विराजमान मां बम्लेश्वरी का मंदिर देश-विदेश में अपनी खास पहचान रखता है। यहां 1600 फीट ऊंचे पहाड़ों पर मां विराजमान हैं जिनके दर्शन के लिए लगभग 1000 सीढ़ी चढ़कर जाना पड़ता है। रोपवे की भी सुविधा उपलब्ध है।
सवा करोड़ खर्च होंगे, चार दिन विशेष श्रृंगार
देश-विदेश में विख्यात मां बम्लेश्वरी के धाम डोंगरगढ़ में नवरात्र के दिनों में ट्रस्ट श्रृंगार, मंदिर की सजावट, श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था बनाने सहित अन्य चीजों पर करीब सवा करोड़ रुपय खर्च करता है। केवल लाइटिंग और फूलों की सजावट में ही इस बार 25 से 30 लाख रुपये खर्च का अनुमान है। इस बार पुष्पों से गर्भगृह की विशेष सजावट एकम, तृतीया, पंचमी और अष्टमी को देखने को मिलेगी।
अंबर थीम: सुनहरा-केसरिया रंग से जगमगाएगा धाम
इस बार नीचे मंदिर की सजावट आरजीबी रोप लाइट से अंबर थीम की तर्ज पर की जा रही है। करीब एक महीने तक चर्चा के बाद इस थीम को फाइनल किया गया है। इसमें सुनहरा और केसरिया रंग की रोशनी से सजावट की जाती है। इससे इससे मंदिर की वास्तुकला उभरकर नजर आएगी। पहाड़ स्थित मंदिर की सजावट में भी इस बार बदलाव किया जा रहा है जो श्रद्धालुओं को और लुभाएगी।
क्यूआर कोड से मिलेगी सही जानकारी
ट्रस्ट ने इस बार व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कोशिश की है। पहाड़ की सीढि़यों पर जगह-जगह क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं जिसे मोबाइल से स्कैन करके दर्शनार्थी आसानी से निकटमत सुविधाओं के साथ ही अन्य जानकारी हासिल कर सकेंगे। भीड़-भाड़ में प्याऊघर, स्वास्थ्य व आपातकालीन सुविधा की जानकारी भी इसे क्यूआर कोड से उपलब्ध हो जाएगी।