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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

योगी या भोगी... बारटेंडर से करोड़पति 'बाबा' बना तरुण उर्फ कांति, गोवा में चलाता था रिसॉर्ट जैसा योगाश्रम

राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में योगाश्रम की आड़ में नशे काम करने वाले कथित योगी तरुण उर्फ कांति अग्रवाल के कई नए राज सामने आए हैं। कांति अग्रवाल गोवा में ...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Fri, 27 Jun 2025 09:35:26 AM (IST)Updated Date: Fri, 27 Jun 2025 10:22:15 AM (IST)
योगी या भोगी... बारटेंडर से करोड़पति 'बाबा' बना तरुण उर्फ कांति, गोवा में चलाता था रिसॉर्ट जैसा योगाश्रम
योगाश्रम की आड़ में अनैतिक काम

HighLights

  1. योगाश्रम की आड़ में नशा और अनैतिक काम
  2. गोवा में रिसॉर्ट के तर्ज पर चलाता था आश्रम
  3. गोवा में बार टेंडर का काम करता था आरोपी

विक्रम बाजपेयी, नईदुनिया, राजनांदगांव: जिले के डोंगरगढ़ में योगाश्रम की आड़ में कथित रूप से नशा और अनैतिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए योगी तरुण उर्फ कांतिलाल अग्रवाल (45) की कहानी ने सबको चौंका दिया है। पड़ताल में राजफाश हुआ है कि एक समय गोवा में बारटेंडर का काम करने वाला 'कांति' अब करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया है और आश्रमों की आड़ में रिसार्ट जैसे ठिकाने चला रहा है।

डोंगरगढ़ में भी उसकी ऐसी ही आलीशान योजना थी, जहां वह 42 एकड़ की पहाड़ी जमीन पर करीब पांच हजार लोगों की क्षमता वाला एक भव्य आश्रम बना रहा था। दावा था कि यहां आयुर्वेदिक उपचार पद्धति मिलेगी, लेकिन पुलिस को छापे में गांजा और यौन क्रिया संबंधी आपत्तिजनक वस्तुएं मिली हैं।


गोवा में बार टेंडर का काम करता था तरुण उर्फ कांति

स्वयं को 'योगी' बताने वाले तरुण की पृष्ठभूमि खंगालने पर उसका 'भोगी' पहलू उजागर होता है। बचपन से उसे जानने वाले एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तरुण को पहले 'कांति' नाम से जाना जाता था। युवावस्था में उसने डोंगरगढ़ में कोई खास काम नहीं किया। इसके बाद वह गोवा चला गया, जहां उसने बार टेंडर के तौर पर काम किया।

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प्रशिक्षित योग गुरु होने का दावा

जानकारी के अनुसार, बार टेंडर के तौर पर काम करते हुए कांति की मुलाकात कुछ लोगों से हुई। जिसके बाद वह योग का प्रशिक्षण लेने लगा। उसने स्वयं भी पुलिस के सामने दावा किया है कि वह कई संस्थाओं से प्रशिक्षित योग गुरु है। हालांकि, इससे जुड़े कोई दस्तावेज उसने पेश नहीं किये हैं।

2020-21 में खरीदी जमीन, बताया NGO का पैसा

ऐसी जानकारी मिली है कि कांति ने डोंगरगढ़ में 42 एकड़ की जमीन 2020-21 में खरीदी। इसके लिए 6 करोड़ रुपये चुकाए गए। उसने सभी को बताया कि, वह एनजीओ का पैसा है जिससे जमीन खरीदी गई है। जब जमीन की रजिस्ट्री हुई तब भी कुछ विदेशी नागरिक उसके साथ थे। कांति के परिवार को भी पता नहीं था कि, उसकी पहुंच इतनी बड़ी हो चुकी है। इसके बाद वह कई बार यहां विदेशियों से के साथ आता-जाता रहा।

संदिग्ध है कथित योगी की गतिविधियां

24 जून को डोंगरगढ़ पुलिस ने तरुण के फार्महाउस में छापेमारी की। यहां उसके कब्जे से करीब दो किलो गांजा बरामद हुआ। इसके साथ ही उसके पास से पुरुष और महिलाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली यौनक्रिया संबंधी चीजें भी मिली। तरुण ने पूछताछ में इसे अपने अनुयायियों का बताया है। उसका पक्ष है कि, उसके संपर्क में कई लोग हैं जो आश्रम आते जाते हैं, ये उनमें से किसी का भी हो सकता है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई

इस पूरे मामले को लेकर राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग का कहना है कि आरोपी के संबंध में छानबीन जारी है। वह खुद को कई एनजीओ से जुड़ा हुआ बता रहा है लेकिन इसके कोई दस्तावेज उसने नहीं दिए हैं। उसके परिसर से कई आपत्तिजनक वस्तुएं भी मिली है। फिलहाल पुलिस इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है। आगे की जांच जारी है।