
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। चीन की धरती पर छत्तीसगढ़ी की दो बेटियां दमखम दिखाती नजर आएंगी। कबीरधाम की गीता यादव और जशपुर की मधु सिदार का चयन 30 अगस्त से 13 सितंबर 2026 तक चीन के मोकी में आयोजित जूनियर महिला एशिया कप के लिए भारतीय टीम में हुआ है। बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में शानदार प्रदर्शन के आधार पर दोनों खिलाड़ियों को 20 सदस्यीय जूनियर इंडिया टीम में जगह मिली है।
इस उपलब्धि ने न केवल प्रदेश की हॉकी प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाई है, बल्कि यह साबित किया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने बताया कि गीता यादव पिछले तीन वर्षों से जूनियर भारतीय टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले भी वह भारतीय टीम के साथ बेल्जियम, नीदरलैंड और जर्मनी का दौरा कर चुकी हैं। चीन में आयोजित होने वाला जूनियर एशिया कप उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा बड़ा विदेशी अभियान होगा। लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर गीता ने भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत की है।
वहीं, मधु सिदार ने बेहद कम समय में अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया है। हाल ही में जूनियर इंडिया टीम में शामिल हुई मधु ने एक वर्ष के भीतर ही ऐसा प्रदर्शन किया कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का भरोसा जीत लिया। अब वह पहली बार भारतीय टीम के साथ चीन का दौरा करेंगी। उनकी इस उपलब्धि को प्रदेश की उभरती हॉकी प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ हॉकी के महासचिव मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष बिलासपुर के अवि मानिकपुरी ने सब-जूनियर भारतीय टीम की ओर से जापान में देश का प्रतिनिधित्व किया था और अब गीता यादव तथा मधु सिदार का भारतीय टीम में चयन होना यह दर्शाता है कि प्रदेश में हॉकी का भविष्य लगातार मजबूत हो रहा है।
गीता यादव कबीरधाम जिले के ग्राम बोड़ला की निवासी हैं। उन्होंने अपने शुरुआती हॉकी प्रशिक्षण की शुरुआत राजनांदगांव हॉकी स्टेडियम से की। लगभग तीन वर्षों तक राजनांदगांव में रहकर उन्होंने खेल की बारीकियां सीखीं, जिसके बाद उनका चयन खेलो इंडिया सेंटर बहतराई में हुआ। वहीं से उन्होंने राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय करते हुए भारतीय टीम में अपनी पहचान बनाई।
दूसरी ओर, जशपुर की मधु सिदार ने स्कूल स्तरीय हॉकी प्रतियोगिताओं से अपने खेल जीवन की शुरुआत की। उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उनका चयन स्टेट एक्सीलेंस सेंटर, बिलासपुर में हुआ, जहां उन्होंने तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। लगातार मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने भारतीय टीम में स्थान हासिल किया। दोनों खिलाड़ी पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ हॉकी की ओर से राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करती रही हैं। उनकी इस सफलता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह पैदा हुआ है और यह उपलब्धि राज्य में खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
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