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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजनांदगांव में दो करोड़ का छात्रावास बिना उपयोग के हो रहा जर्जर, शिफ्टिंग नहीं होने से खंडहर में तब्दील

CG News: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के दिग्विजय कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए पेंड्री में दो करोड़ की लागत से छात्रावास बनाया गया है। लेकिन छा...और पढ़ें

By Mohan KumarEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 06 Sep 2025 10:17:56 PM (IST)Updated Date: Sat, 06 Sep 2025 10:17:56 PM (IST)
राजनांदगांव में दो करोड़ का छात्रावास बिना उपयोग के हो रहा जर्जर, शिफ्टिंग नहीं होने से खंडहर में तब्दील
दो करोड़ का छात्रावास बिना उपयोग के हो रहा जर्जर

नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। दिग्विजय कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए पेंड्री में दो करोड़ की लागत से छात्रावास बनाया गया है। लेकिन छात्रावास बिना उपयोग के जर्जर हो रहा है। छात्रावास में एक भी विद्यार्थी नहीं है। यहीं नहीं असामाजिक तत्व छात्रावास को नुकसान पहुंचा रहे हैं। खिड़कियों के कांच को पूरी तरह से तोड़ दिए हैं। यहीं कारण है कि छात्रावास खंडहर में तब्दील हो गया है।

कॉलेज प्रशासन भी शिफ्टिंग को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। इसके चलते छात्रावास उपयोगहीन साबित हो रहा है। बता दें कि शहर से छात्रावास की दूरी करीब पांच किमी है। आउटर क्षेत्र में छात्रावास का निर्माण होने के कारण विद्यार्थी जाने से कतरा रहे हैं। शिफ्टिंग को लेकर कॉलेज प्रशासन अब तक कोई योजना तैयार नहीं कर पाया है।


विद्यार्थियों ने बनाई दूरी

करोडों की लागत से बने छात्रावास को असामाजिक तत्व के लोग नुकसान पहुंचा रहे हैं। खिड़कियों में लगे कांच को तोड़ दिया गया है। वहीं भवन भी जर्जर होने लगा है। विद्यार्थियों की मांग पर छात्रावास का निर्माण किया गया था, लेकिन विद्यार्थियों ने दूरी बना ली है। स्थिति यह है कि छात्रावास में एक भी विद्यार्थी रहने को तैयार नहीं है। विद्यार्थियों ने बताया कि छात्रावास को आउटर में बनाया गया है, यहां से कालेज आने जाने में काफी परेशानी होगी। समय पर कालेज नहीं पहुंच पाएंगे।

सुरक्षा का अभाव, लूटपाट और मारपीट की हो चुकी है घटना

दिग्विजय कालेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास का निर्माण किया गया है। कालेज के सामने बालिका छात्रावास बनाया गया है, जहां छात्राएं रह रही है। लेकिन पेंड्री में बने बालक छात्रावास में जाने से विद्यार्थियों ने दूरी बना ली है। क्योंकि शाम छह बजे के बाद पेंड्री में सन्नाटा पसर जाता है। यहीं नहीं इस क्षेत्र में पहले भी मारपीट और लूटपाट की घटनाएं हो चुकी है। जिसके चलते विद्यार्थियों में डर है। यहीं कारण है कि विद्यार्थी जाने से बच रहे हैं। दिग्विजय कालेज के जिम्मेदार अधिकारी भी छात्रावास शिफ्टिंग के संबंध में बोलने से बच रहे हैं।

जर्जर में रहने मजबूर

महेश नगर स्थित छात्रावास भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है। विद्यार्थी जर्जर भवन में रहने के लिए मजबूर हैं। मरम्मत को लेकर विभागीय अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। यहीं विभागीय अधिकारी किराये की भवन भी तलाश रहे हैं। लेकिन अब तक तलाश पूरी नहीं हो पाई है।

महेश नगर स्थित छात्रावास जर्जर है। किराये का भवन ढूंढ रहे हैं। विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। दीक्षा गुप्ता, सहायक आयुक्त आदिवास विकास विभाग।