नाबालिग को बहलाकर ले गए, शोषण के आरोप में पांच दोषियों को उम्रकैद; राजनांदगांव POCSO कोर्ट का फैसला
राजनांदगांव की पाक्सो अदालत ने नाबालिग को बहलाकर ले जाने, यौन शोषण और देह व्यापार में धकेलने के मामले में पांच दोषियों को कठोर सजा सुनाई।
Publish Date: Thu, 20 Aug 2026 05:42:50 PM (IST)Updated Date: Thu, 20 Aug 2026 05:42:50 PM (IST)
राजनांदगांव POCSO कोर्ट का सख्त फैसला। (फाइल फोटो)HighLights
- पांच दोषियों को अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास सुनाया गया।
- नाबालिग को बहलाकर रायपुर और रायगढ़ ले जाया गया था।
- आरोपितों ने पैसे कमाने के नाम पर दबाव बनाया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, उसे कई सप्ताह तक अलग-अलग स्थानों पर रखने और देह व्यापार में धकेलने के मामले में पाक्सो कोर्ट ने कठोर दंड सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपित साधना वैष्णव उर्फ संध्या वैष्णव और मुस्कान गोस्वामी समेत पांच दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सजा दी है।
सभी आरोपितों को जीवनकाल के लिए कारावास की सजा सुनाई गई है। एक अन्य आरोपित को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया। फैसले में कहा गया कि यौन हिंसा से पीड़ित को केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक मानसिक आघात भी झेलना पड़ता है। ऐसे अपराधों में दोषियों के प्रति अनावश्यक सहानुभूति या उदारता उचित नहीं है।
बस में आरोपित से हुई थी मुलाकात
- विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो एक्ट) प्रिया कांकरिया के अनुसार मामला फरवरी 2024 का है। नाबालिग के पिता ने छुरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी को कोई व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। तकनीकी जांच के आधार पर 27 फरवरी 2024 को नाबालिग को रायगढ़ से साधना वैष्णव के कब्जे से बरामद किया गया था।
- जांच में सामने आया कि नाबालिग बैंक में आधार लिंक कराने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वह बस से राजनांदगांव होते हुए रायपुर जा रही थी। इसी दौरान बस में उसकी मुलाकात साधना वैष्णव से हुई। साधना ने उसे अपने साथ घर चलने को कहा। नाबालिग उसके साथ रायपुर चली गई, जहां मुस्कान गोस्वामी भी रहती थी।
पैसे की जरूरत बताकर बनाया दबाव
- अभियोजन के अनुसार नाबालिग कई सप्ताह तक रायपुर में रही। इस दौरान उसने घर लौटने की इच्छा जताई, लेकिन उसे वापस नहीं जाने दिया गया। बाद में संध्या और मुस्कान ने पैसे कमाने की बात कहकर उस पर दबाव बनाया गया।
- इसके बाद अलग-अलग युवकों को बुलाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म कराया गया। इसके बाद नाबालिग को रायगढ़ के बाजीनपाली क्षेत्र में ले जाया गया। वहां भी अलग-अलग लोगों को बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म कराया गया। जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपित उसे दूसरे व्यक्ति को बेचने की योजना बना रहे थे।
रेप करने वालों को भी सजा, प्रेमी दोषमुक्त
- सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों को दोषी माना और कठोर दंड सुनाया। अदालत ने साधना वैष्णव और मुस्कान गोस्वामी को धारा 376-घ/109 के तहत आजीवन कारावास व पाक्सो एक्ट की धारा 6/17 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास सहित विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई।
- चेतन नवरंगे, तोरण सोनकर और धनंजय धृतलहरे को भी सामूहिक दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट की धाराओं में कठोर सजा दी गई। मामले के एक अन्य आरोपित गोपीराम कोल जो कि किशोरी का प्रेमी था के विरुद्ध अपराध सिद्ध नहीं होने पर अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।