राजनांदगांव(नईदुनिया न्यूज)।महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड लाइन द्वारा मानसिक स्वास्थ्य मनोसामाजिक समर्थन विषय पर फरहद के प्राथमिक स्कूल में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टीम के सदस्य डोमन लाल द्वारा उपस्थित बच्चों एवं स्टेक होल्डरों को बताया कि कोविड-19 के प्रभाव एवं उसके संक्रमण के रोकथाम के लिए अपनाए गए लाकडाउन के कारण अन्य लोगों की मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर हुआ है। जिससे लोगों के मन में कोरोना वायरस के प्रति डरे हुए थे। जिससे तनाव, चिन्ता, हताश, डर, आशंका, हिंसा और शोषण की परिस्थिति सीमित हुई है। इससे सुरक्षित करने एवं उनके मनो मस्तिष्क में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने इस प्रकार का कार्यक्रम का आयोजित करना बहुत आवश्यक है।

हेल्पलाइन नंबर की दी जानकारी

परामर्शदाता रूखमणी साहू द्वारा सही स्पर्श व गलत स्पर्श, पाक्सो अधिनियम, महिला हिंसा, 1098-चाइल्ड लाइन, 181-महिला सहायता केंद्र, 104-स्वास्थ्य परामर्श केंद्र, 1090- पुलिस महिला हेल्प लाइन, 112-पुलिस सहायता केंद्र, 100-पुलिस कंट्रोल रुप, 182-रेलवे सुरक्षा बल हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी। जिसमें छह वर्ष से 12 वर्ष की बच्चों को सही स्पर्श व गलत स्पर्श, 13 से 18 वर्ष की बालिकाओं को साइबर क्राइम के बारे में प्रकाश डाला गया। बच्चों की सुरक्षा के लिए जो कार्य किये जाते हैं, वह बहुत सराहनीय है। वेदप्रकाश साहू द्वारा देखभाल करने वाले के लिए कुछ गतिविधियां दी गई है। जिसके उपयोग से कोरोना वायरस के प्रति सम्मान मनोसामाजिक समर्थन के साथ सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जा सकता है। समन्वयक महेश साहू द्वारा स्टेक होल्डरों को मानसिक स्वास्थ्य, मनोसामाजिक समर्थन ट्रेनिंग के माध्यम से स्टेक होल्डरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सहायिका, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, पंचायत प्रतिनिधियों, महिला समूहों के सदस्य एवं अन्य ग्रामीण जनसमुदाय को प्रशिक्षिण दिया जा रहा है। इस दौरान प्रधान पाठक तुलसी दास, तेजस्विनी कश्यप, ममता धरमगुड़े, महेंद्रनाथ शर्मा, डोमन लाल एवं अनुराग खलखो व अन्य मौजूद रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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