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सुकमा में ईसाई बने 47 परिवारों की घर वापसी, कार्यक्रम में 40 गांवों के 3 हजार लोग हुए शामिल

सुकमा के जान गोलापल्ली में दोरला समाज सम्मेलन हुआ, जिसमें ईसाई बने 47 परिवारों की समाज में पुनर्वापसी कराई गई। 9 पंचायतों के 40 गांवों से आए 3,000 परि...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Mon, 19 Jan 2026 10:22:07 AM (IST)Updated Date: Mon, 19 Jan 2026 10:22:07 AM (IST)
सुकमा में ईसाई बने 47 परिवारों की घर वापसी, कार्यक्रम में 40 गांवों के 3 हजार लोग हुए शामिल
सुकमा जिले में घर वापसी का मामला। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. दोरला समाज का बड़ा सम्मेलन आयोजित हुआ।
  2. 47 परिवारों की समाज में सम्मानपूर्वक वापसी कराई।
  3. 9 पंचायतों के 40 गांवों से 3,000 परिवार शामिल।

नईदुनिया न्यूज, सुकमा। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड क्षेत्र के जान गोलापल्ली में दोरला समाज का पटेल–पुजारी चर्चा परिचर्चा सम्मेलन हुआ। इसमें समाज से अलग होकर ईसाई बने 47 परिवारों की समाज में दोबारा वापसी कराई गई। मंच पर सम्मान के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया।

सम्मेलन में 9 पंचायतों के 40 गांवों से आए लगभग 3,000 परिवारों ने सहभागिता कर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का परिचय दिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रवक्ताओं ने कहा कि दोरला समाज की पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक व्यवस्था सशक्त है। इसके बावजूद अन्य संस्कृतियों की ओर बढ़ता आकर्षण चिंताजनक है। समाज को अपनी जड़ों की ओर लौटने और आत्ममंथन करने की आवश्यकता है।


इस अवसर पर समाज ने 16 प्रमुख सामाजिक नियमों पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया। विवाह समारोहों में डीजे और अंग्रेजी शराब पर पूर्ण प्रतिबंध, सामाजिक मर्यादा भंग करने पर आर्थिक दंड, गैर-आदिवासी विवाह, बहुविवाह और मंदिर विवाह जैसे मामलों में कड़े सामाजिक निर्णय लेने का प्रावधान तय किया गया। सम्मेलन में संभागीय अध्यक्ष अनिल बुर्का सहित अनेक समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।