
नईदुनिया न्यूज, सुकमा। बस्तर के घोर संवेदनशील इलाकों में विकास की नई किरण पहुंचाने के संकल्प के साथ उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा गुरुवार को सुकमा जिले के जगरगुंडा पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि बंदूक की गूंज नहीं, बल्कि खुशहाली की बयार ही बस्तर का भविष्य तय करेगी। इस दौरान उन्होंने 'नियद नेल्ला नार' योजना की समीक्षा करते हुए अच्छी जानकारी शेयर की, जिसने पूरे अंचल में चर्चा छेड़ दी है।
बैठक में पारंपरिक समाज प्रमुखों गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा और जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो ग्राम अपने सभी भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाकर खुद को 'सशस्त्र माओवाद हिंसा मुक्त' घोषित करेंगे, उन्हें इलवद पंचायत योजना से एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास राशि दी जाएगी। इसके साथ ही संबंधित जनपद सदस्य को 10 लाख और जिला पंचायत सदस्य को 15 लाख रुपये की विकास राशि प्रदान की जाएगी।
यह राशि गांव के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे के लिए सीधे उपयोग की जा सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि संग्राहक से व्यवसायी तक का सफर बस्तर के गांवों में 'विकास मॉडल' तैयार हो रहे हैं। अब ग्रामीण केवल वनोपज इकट्ठा नहीं करेंगे, बल्कि गांवों में ही प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर उत्पादक और व्यवसायी बनेंगे। डिप्टी सीएम ने समाज प्रमुखों से आग्रह किया कि वे जंगलों में भटक रहे युवाओं को पुनर्वास नीति का लाभ उठाने और देश के विकास में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करें।
उपमुख्यमंत्री ने स्वयं ग्रामीणों को सशक्त बनाने के लिए सहायता प्रदान की। उन्होंने कृषि योजनाओं के तहत किसानों को उन्नत बीज वितरित किए। साथ ही साथ ही 'नियद नेल्ला नार' के तहत स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सिलगेर, कोंडासावली और तिमापुरम जैसे दुर्गम इलाकों के दोनों आंखों के 40 मोतियाबिंद के मरीजों को विशेष बस से हरी झंडी दिखाकर जिला अस्पताल रवाना किया गया। शर्मा ने स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पीएचसी बुरड़ी, गगनपल्ली और किस्टाराम को सर्टिफिकेट से नवाजा।