सुकमा में 29 माओवादियों ने किया सरेंडर, 'पूना मार्गेम' अभियान से बदली गोगुंडा की तस्वीर
CG News: छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में माओवादी संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। दरभा डिवीजन के अंतर्गत सक्रिय 29 माओवादियों ने हिंसा क ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Jan 2026 02:22:18 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Jan 2026 02:22:18 PM (IST)
सुकमा में 29 माओवादियों ने किया सरेंडर।HighLights
- सुकमा में 29 माओवादियों ने किया सरेंडर।
- पूना मार्गेम अभियान से बदली गोगुंडा की तस्वीर।
- सुरक्षा कैंप और प्रशासनिक पहल का दिखा असर।
नईदुनिया प्रतिनिधि, सुकमा। छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में माओवादी संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। दरभा डिवीजन के अंतर्गत सक्रिय 29 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति की राह चुनी है।
इन सभी कैडरों ने जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर शासन की पुनर्वास नीति 'पूना मार्गेम' (नई राह) में शामिल होने का निर्णय लिया है।
सुरक्षा कैंप और प्रशासनिक पहल का दिखा असर
इस ऐतिहासिक बदलाव की नींव 1 जनवरी को पड़ी थी, जब जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और अन्य आला अधिकारी सुदूर गोगुंडा गांव पहुंचे थे। अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
इस मुलाकात के बाद ग्रामीणों और सक्रिय कैडरों के बीच विश्वास जगा, जिसका परिणाम इस सामूहिक आत्मसमर्पण के रूप में सामने आया है।
ध्वस्त हुआ नक्सलियों का 'सपोर्ट सिस्टम'
आत्मसमर्पित 29 माओवादी दरभा डिवीजन की केरलापाल एरिया कमेटी में सक्रिय थे। इनमें से कई माओवादी जिले की बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं।
गोगुंडा क्षेत्र में नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना से न केवल नक्सलियों का आधार क्षेत्र सिमटा है, बल्कि उनका रसद और सूचना तंत्र (सपोर्ट सिस्टम) भी पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। पुलिस का दावा है कि इस समर्पण के बाद केरलापाल एरिया कमेटी अब नक्सल मुक्त होने के अंतिम चरण में है।
इन बलों की रही अहम भूमिका
माओवादियों को मुख्यधारा में वापस लाने के इस मिशन में जिला पुलिस बल, DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड), CRPF 74 वाहिनी, और CoBRA 201 वाहिनी के अधिकारियों व जवानों की विशेष भूमिका रही। तेज नक्सल ऑपरेशन और पुनर्वास नीति के बेहतर क्रियान्वयन से अब सुदूर क्षेत्रों में माओवादी संगठन समाप्ति की ओर अग्रसर है।
पुलिस और प्रशासन ने शेष सक्रिय माओवादियों से अपील की है कि उनके पास अब केवल एक ही विकल्प शेष है हिंसा छोड़ें और 'पूना मार्गेम' पुनर्वास अभियान का हिस्सा बनकर सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें।