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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ के जिस गांव से शुरू हुई नक्सलियों की खिलाफत, वहीं जवानों को बनाया निशाना

बीजापुर में नक्सलियों के बिछाए आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी के 8 जवान सहित 9 जवान शहीद हो गए। यह हमला अंबेली में हुआ। इसी क्षेत्र से 'सल्वा जुडूम' आंदोलन ...और पढ़ें

By Satish ChandakEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Mon, 06 Jan 2025 06:26:35 PM (IST)Updated Date: Mon, 06 Jan 2025 09:18:05 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के जिस गांव से शुरू हुई नक्सलियों की खिलाफत, वहीं जवानों को बनाया निशाना
नक्सलियों की हरकतें हताशा और कायरता का प्रतीक।

HighLights

  1. बीजापुर में आईईडी ब्लास्ट से 9 डीआरजी जवान शहीद।
  2. 'सल्वा जुडूम' आंदोलन की शुरूआती जगह पर हमला।
  3. अबूझमाड़ से लौटते समय बड़े विस्फोट में उड़ा वाहन।

सतीश चांडक, सुकमा। नक्सलियों ने उस इलाके में जवानों को निशाना बनाया है, जहां से नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़े आंदोलन 'सल्वा जुडूम' की शुरूआत हुई थी। 4 जून 2005 को अंबेली गांव से ही 'सल्वा जुडूम' की शुरूआत हुई थी।

इसके बाद दंतेवाड़ा, सुकमा के कई हिस्सों में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन चला था। नक्सलियों ने अब उसी जगह पर जवानों को निशाना बनाया है, जहां उनके बिछाए आईईडी में ब्लास्ट से एक ड्राइवर और डीआरजी के 8 जवान शहीद हो गए।


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नक्सलियों के खिलाफ यहीं से आंदोलन की हुआ शुरुआत

2005 में नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़े आंदोलन की शुरूआत उसी गांव अंबेली से हुई थी। 4 जून को बड़े नेता व तत्कालीन अधिकारियों की मौजूदगी में आंदोलन को 'सल्वा जुडूम' नाम दिया गया था। सल्वा जुडूम का स्थानीय भाषा में अर्थ शांति यात्रा होता है।

बीजापुर (छत्तीसगढ़) में IED ब्लास्ट में DRG के जवानों को खोने की सूचना से अत्यंत दु:खी हूँ। वीर जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। इस दुःख को शब्दों में व्यक्त कर पाना असंभव है, लेकिन मैं विश्वास दिलाता हूँ कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हम…

— Amit Shah (@AmitShah) January 6, 2025

यहां के ग्रामीण हाथो में तीर-धनुष लेकर नक्सलियों के खिलाफ निकले थे। यहां के ग्रामीण नक्सलियों के खिलाफ काफी आक्रोशित थे। उसके बाद ये आंदोलन धीरे-धीरे तीनों जिलों में फैल गया। ये सड़क कुटरू से बेदरे की तरफ जाती है।

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डीआरजी जवानों की गाड़ी को उड़ाया

अबूझमाड़ के दक्षिणी हिस्से में नक्सलियों से हुई मुठभेड़ के बाद लौट रहे जवानों के पिकअप वाहन को सोमवार दोपहर को नक्सलियों ने विस्फाेट से उड़ा दिया है। इसमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के नौ जवान बलिदान हो गए है। इसमें एक ड्राइवर शामिल है।

जवान अबूझमाड़ से बाहर निकलने के बाद बेदरे नाला तक जवान पैदल पहुंचे थे। नाला पार करने के बाद जवान वहां से 15 से 20 पिकअप वाहन में लौट रहे थे। सीसी सड़क में इतना बड़ा ब्लास्ट किया गया, जिससे स्कार्पियो के परखच्चे उड़ गए।

छत्तीसगढ़ में अब तक की बड़ी नक्सल वारदातें

  • 26 अप्रैल 2023: दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर में नक्सलियों ने डीआरजी के वाहन को विस्फोट से उड़ा दिया। इसमें 10 जवान और एक ड्राइवर बलिदान हुए।
  • 6 अप्रैल 2010: दंतेवाड़ा के ताड़मेटला में नक्सलियों ने एंबुश लगाकर सीआरपीएफ के 76 जवानों को शहीदकिया। यह हमला देश के इतिहास में सबसे घातक साबित हुआ।

  • 15 मार्च 2007: बीजापुर में गोलीबारी और कैंप पर हमला कर नक्सलियों ने 55 जवानों की जान ली।
  • 25 मई 2013: झीरम घाटी हमला, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित 32 लोग मारे गए।
  • 29 जून 2010: नारायणपुर के धोड़ाई में 27 जवानों की शहादत।

  • 12 जुलाई 2009: राजनांदगांव में एसपी चौबे समेत 29 पुलिसकर्मी बलिदान हुए।
  • 24 अप्रैल 2017: सुकमा के चिंतागुफा में 25 जवान मारे गए।
  • 3 अप्रैल 2021: सुकमा और बीजापुर सीमा पर हमला, जिसमें 22 जवान शहीद हुए।

  • 21 मार्च 2020: मिनपा इलाके में नक्सलियों के हमले में 17 जवान बलिदान हुए।
  • 13 मार्च 2018: सुकमा में बारूदी सुरंग विस्फोट में 9 जवानों की जान गई।
  • 9 अप्रैल 2019: दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या।
  • 19 अगस्त 2011: बीजापुर में 11 जवान बलिदान हुए।

सीएम साय ने शोक व्यक्त की संवेदना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवानों के शहीद होने की दुःखद घटना पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मेरी संवेदनाएं शहीदों के परिजनों के साथ है। ईश्वर से शहीद जवानों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।

सीएम बोले व्यर्थ नहीं जाएगी शहादत

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली हताश हैं और विचलित होकर ऐसी निंदनीय और कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और नक्सलवाद के खात्मे के लिए हमारी यह लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी।