
नईदुनिया न्यूज, प्रतापपुर: सूरजपुर जिले में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए ग्राम मदननगर पहुंची प्रतापपुर पुलिस टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। आरोप है कि ग्रामीण टांगी, फरसा, तब्बल, लाठी-डंडे सहित अन्य हथियार लेकर पुलिसकर्मियों पर टूट पड़े। इस दौरान सहायक उपनिरीक्षक से मारपीट की गई, जबकि एक आरक्षक को पकड़कर पंचायत भवन में बंधक बनाकर पीटा गया। पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
घटना सात अक्टूबर सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार थाना प्रभारी दिनेश पुरैना के नेतृत्व में पुलिस टीम पूर्व के आपराधिक मामलों में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए मदननगर पहुंची थी। टीम में उप निरीक्षक विवेक खलखो, विकास कुमार, सहायक उपनिरीक्षक योगेंद्र जायसवाल, प्रधान आरक्षक विनोद परीडा और आरक्षक रामदयाल राठिया शामिल थे।
राशन दुकान के पीछे फरार आरोपित बाबूलाल पोया और बनवारी के मिलने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। दोनों के शोर मचाने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस टीम को घेर लिया। स्थिति बिगड़ने पर कुछ पुलिसकर्मी मौके से निकल गए। इसी दौरान एएसआइ योगेंद्र जायसवाल से मारपीट किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
वहीं आरक्षक रामदयाल राठिया को ग्रामीण पकड़कर पंचायत भवन ले गए, जहां उनके साथ हाथ-मुक्का और लाठी-डंडे से मारपीट की गई। आरक्षक के अनुसार बेहोश होने के बाद होश आने पर उन्होंने खुद को पंचायत भवन में बंधक पाया।
ग्रामीणों ने अन्य पुलिसकर्मियों के दोबारा गांव आने पर उन्हें खत्म करने की धमकी दी। बाद में पुलिस पार्टी के वापस नहीं आने पर आरक्षक को छोड़ दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने पूर्व के मामले में नामजद बाबूलाल पोया, फुलजेश, बनवारी सहित करीब 100-150 ग्रामीणों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस मामले में आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।