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सूरजपुर के अस्पताल में ताला, डॉक्टर गायब, रास्ते में प्रसव से नवजात की दर्दनाक मौत के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला बंद मिलने और स्टाफ के गायब रहने के कारण प्रसूता को समय पर इलाज नहीं ...और पढ़ें

By Asim Sen GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 11:22:12 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 11:22:11 PM (IST)
सूरजपुर के अस्पताल में ताला, डॉक्टर गायब, रास्ते में प्रसव से नवजात की दर्दनाक मौत के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों से चर्चा करते एसडीएम:नईदुनिया

HighLights

  1. गणेशपुर स्वास्थ्य केंद्र में ताला बंद मिलने से नवजात की मौत।
  2. गुस्साए ग्रामीणों ने अस्पताल के सामने किया चक्काजाम।
  3. कलेक्टर के निर्देश पर डॉक्टर और एएनएम निलंबित।

नाराज ग्रामीणों ने सड़क किया जाम

नईदुनिया न्यूज,रामानुजनगर: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तालाबंद होने और स्टाफ मौजूद नहीं होने के कारण रास्ते में प्रसव होने के बाद नवजात की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने अस्पताल के सामने सड़क जाम कर दिया। कलेक्टर के निर्देश पर पहुंचे एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा कर कलेक्टर को हकीकत बताई। कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी व स्टाफ नर्स को सस्पेंड कर दिया।

कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने निलंबन आदेश जारी कर दिया।दो कर्मचारियों के निलंबन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम खोल दिया है। मामला विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गणेशपुर का है।बता दें, 14 अक्टूबर की रात ग्राम पवनपुर की गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन महिला को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गणेशपुर पहुंचे।


क्विटर का दरवाजा खटखटाते रहे परिजन, रास्ते में हुआ प्रसव

अस्पताल में तालाबंद मिला, इसके बाद परिसर में स्थित स्टाफ नर्स के क्वार्टर का दरवाजा खटखटाया गया, लंबे समय तक दरवाजा खटखटाए जाने के बाद भी नर्स के नहीं उठने के बाद महिला को लेकर रामानुजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाते समय रास्ते में ही महिला का प्रसव हो गया और महिला बेसुध हो गई तथा नवजात शिशु की मौत हो गई।

इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने परिजनों के साथ सुबह गणेशपुर अस्पताल के सामने सड़क जामकर आंदोलन करने लगे। इस घटना की सूचना स्थानीय अधिकारियों से पहले कलेक्टर को हो गई थी। कलेक्टर ने तत्काल एसडीएम को गणेशपुर रवाना कर प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट मांगी थी।

कलेक्टर के निर्देश पर त्वरित एक्शन और निलंबन

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम सुनील अग्रवाल गणेशपुर अस्पताल पहुंचे और स्टाफ से कड़ाई से पूछताछ कर रिपोर्ट कलेक्टर को भेजा तथा आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से सड़क जाम खुलवाने चर्चा कर ही रहे थे कि तत्काल प्रभाव से अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा राजेश पटेल व नाइट ड्यूटी में तैनात रही सेकेंड एएनएम प्रमिला गिरी का निलंबन आदेश जारी हो गया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में दोनों जिम्मेदार कर्मचारियों के निलंबन आदेश आने के बाद एसडीएम व थानेदार द्वारा ग्रामीणों को समझा कर सड़क जाम खुलवाया गया। उल्लेखनीय है कि गणेशपुर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजनगर मुख्यालय से दूर पहाड़ी क्षेत्र का महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। अस्पताल में बेहतरीन सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। स्टाफ के रहने के लिए बकायदा एसी कमरे बने हुए हैं।

शासन की ओर से वहां हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सारी सुविधाएं होने के बाद भी गणेशपुर अस्पताल में स्टाफ मौजूद नहीं रहने की शिकायतें उस क्षेत्र से लगातार आते रहती हैं,सब कुछ अच्छा होने के बाद भी कर्मचारियों की लापरवाही से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इसके लिए बीएमओ व सीएमएचओ भी कम जिम्मेदार नहीं हैं जो कभी अस्पतालों का दौरा नहीं करते। स्टाफ रूम में तालाबंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गणेशपुर में हास्पीटल बिल्डिंग से लेकर स्टाफ रूम तक रामानुजनगर विकासखंड के अन्य अस्पतालों से बेहतर है, यहां पेयजल की भी समस्या नहीं है।

लेकिन कोई भी चिकित्सक या अन्य स्टाफ वहां क्यों नहीं रहता यह समझ से परे है। यहां के स्टाफ रूम में बकायदा एसी आदि की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। लेकिन स्टाफ रूम बनने के बाद से आज तक उस भवन का ताला नहीं खुला है। बताया जाता है कि अस्पताल में घंटे दो घंटे के लिए चिकित्सक आते हैं और हाजरी लगाकर चले जाते हैं,वहां दो स्टाफ नर्स की पोस्टिंग है उन्हीं के भरोसे अस्पताल संचालित है।

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