नईदुनिया प्रतिनिधि,भैयाथान: सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बसकर में सर्पदंश से दंपती की मौत हो गई। पति-पत्नी, चार बच्चों के साथ जमीन पर सो रहे थे। आधी रात के बाद वे उठे थे। उसी दौरान सांप नजर आने पर दोनों ने उसे मार दिया था। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और दोनों ने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार ग्राम बसकर में तुलेश्वर गोंड (40), पत्नी नीता (38) और चार बच्चों के साथ रहता था। परिवार में लकवाग्रस्त पिता भी है। गुरुवार की रात दंपती भोजन कर चारों बच्चे के साथ जमीन पर सो रहे थे। रात लगभग दो बजे इनकी नींद खुली तो बिस्तर के पास एक सांप नजर आया। दंपती ने उसे मार दिया तथा घर के कोने में ही रख दिया। फिर दोनों सो गए।
एक-डेढ़ घंटे बाद पत्नी को बेचैनी होने लगी। वह हड़बड़ा कर उठी। पति को भी जगाया। तत्काल अस्पताल जाने के बजाय उन्होंने परिचितों के माध्यम से झाड़ फूंक कराना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे पत्नी की हालत और बिगड़ने लगी। अस्पताल ले जाने वाहन की व्यवस्था भी नहीं हो रही थी। सुबह तक पति का चेहरा भी सूज गया था। इससे स्पष्ट था कि दोनों को विषैले सर्प ने डंस लिया है।
सुबह लगभग 11 बजे दंपती को एंबुलेंस से भैयाथान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां जांच के बाद महिला को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पति की गंभीर हालत को देखते हुए सूरजपुर जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया। वहां उपचार के बाद भी पति की जान नहीं बच सकी। पति ने भी दम तोड़ दिया। देर शाम दोनों का शव घर पहुंचा। घटना से गांव में शोक है।
दुखद पहलू यह है कि परिवार में बुजुर्ग और चार छोटे-छोटे बच्चे रह गए हैं। उनके समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। माता-पिता की मौत से बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। गांव में ही मृतक का एक भाई रहता है। अब उसी के ऊपर बच्चों के लालन - पालन की जिम्मेदारी आ गई है। मृत दंपती का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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उत्तर छत्तीसगढ़ में जमीन पर सोने के दौरान सर्पदंश की सर्वाधिक घटनाएं होती हैं। इसलिए लगातार समझाइश दी जा रही है कि जमीन पर न सोएं। खाट पर मच्छरदानी लगाकर सोने से सर्पदंश की संभावना कम हो जाती है। सर्पदंश की घटना के बाद तत्काल मरीज को अस्पताल ले जाना चाहिए। झाड़फूंक के कारण मरीज की तबीयत और खराब हो जाती है। विलंब से अस्पताल पहुंचने पर जान जाने का खतरा रहता है।