सूरजपुर हत्याकांड: दोषियों को फांसी की मांग, पुलिस संघ अध्यक्ष बोले- फ्री में जल्लाद बनने को तैयार हूं
सूरजपुर पुलिस परिवार हत्याकांड के दोषियों कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी और फूल सिंह को मृत्युदंड देने की मांग तेज हो गई है।
Publish Date: Thu, 29 Oct 2026 05:08:18 PM (IST)Updated Date: Thu, 29 Oct 2026 05:36:05 PM (IST)
संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्ज्वल दीवानHighLights
- सूरजपुर पुलिस परिवार हत्याकांड के दोषियों को फांसी की मांग।
- संघ अध्यक्ष उज्ज्वल दीवान ने सीएम और गृहमंत्री को लिखा पत्र।
- कानूनी प्रक्रिया के तहत निःशुल्क जल्लाद बनने की जताई इच्छा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, सूरजपुर: सूरजपुर पुलिस परिवार हत्याकांड में दोषियों को मृत्युदंड दिए जाने की मांग को लेकर संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्ज्वल दीवान ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि यदि न्यायालय द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा पर कानूनी प्रक्रिया के तहत अमल किया जाना है, तो वे निःशुल्क जल्लाद की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उनके इस पत्र के बाद पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की सुरक्षा तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने का मुद्दा चर्चा में आ गया है।
दीवान ने अपने पत्र में सूरजपुर पुलिस परिवार से जुड़े हत्याकांड के दोषियों कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी और फूल सिंह उर्फ रिंकू विश्वकर्मा को फांसी की सजा दिए जाने का उल्लेख किया है।
उन्होंने सरकार से इस मामले में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनके परिवारों के साथ होने वाली गंभीर आपराधिक घटनाओं में भी न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पुलिस परिवार के प्रति संवेदना जताने की पहल
उज्ज्वल दीवान ने पत्र के माध्यम से पीड़ित पुलिस परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय की मांग को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के परिवारों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। गंभीर अपराधों में दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलना जरूरी है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत ही हो सकता है मृत्युदंड का क्रियान्वयन
मृत्युदंड पर अमल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और सक्षम अधिकारियों के माध्यम से ही किया जाता है। किसी व्यक्ति को फांसी देने की प्रक्रिया के लिए भी संबंधित नियमों और अधिकृत व्यवस्था का पालन आवश्यक है। उज्ज्वल दीवान ने अपने पत्र में स्वेच्छा से निःशुल्क जल्लाद बनने की इच्छा जताई है।