
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। सरगुजा जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है। मैनपाट विकासखंड के ग्राम वंदना स्थित प्राथमिक पाठशाला में पदस्थ शिक्षक राज प्रताप सिंह शुक्रवार को शराब के नशे में स्कूल पहुंच गया। नशे की हालत में शिक्षक बच्चों की जिम्मेदारी संभालता मिला, जिसका वीडियो भी प्रसारित हुआ है।
60 बच्चों की जिम्मेदारी
शुक्रवार को स्कूल की प्रधान पाठिका अवकाश पर थीं, जबकि एक अन्य शिक्षक भी स्कूल नहीं पहुंचा था। ऐसे में पहली से पांचवीं तक के करीब 60 से अधिक बच्चों की जिम्मेदारी अकेले शिक्षक राज प्रताप सिंह पर थी। इसी दौरान ग्रामीणों को शिक्षक के नशे में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद इसकी सूचना मीडियाकर्मियों को दी गई।
कान पकड़कर उठक-बैठक
जब मीडियाकर्मी स्कूल पहुंचे तो शिक्षक नशे की हालत में मिला। बातचीत के दौरान वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। पूछताछ में शिक्षक ने खुद स्वीकार किया कि उसने शराब का सेवन किया है। शिक्षक ने बताया कि उसने मात्र 20 रुपये में आधा गिलास देसी शराब पी थी। अपनी गलती स्वीकार करते हुए वह मौके पर ही कान पकड़कर उठक-बैठक करने लगा।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा का हाल pic.twitter.com/SuwyHjTtCs
— Akash Pandey (@AnujAkashPande3) January 5, 2026
ग्रामीणों ने क्या कहा
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के सामने इस तरह की घटना से गलत संदेश गया है। इस संबंध में मैनपाट के विकासखंड शिक्षा अधिकारी योगेश शाही ने कहा कि नशे में स्कूल आने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक यदि विभाग में बने रहते हैं तो यह समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
अधिकारियों ने क्या कहा
बीईओ योगेश शाही ने बताया कि इससे पहले भी संबंधित शिक्षक के शराब पीने की शिकायत मिल चुकी थी, जिस पर उसे नोटिस जारी किया गया था और संकुल स्तर से रिपोर्ट भी मंगाई गई थी। बावजूद इसके दोबारा ऐसी घटना सामने आना गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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