आदिवासी नाबालिग छात्रा और युवती को बहलाकर दिल्ली ले जा रहे थे आरोपी, सतर्क स्वजनों ने रायगढ़ में दबोचा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत केरजू पुलिस चौकी क्षेत्र से मानव तस्करी का मामला सामने आया है। दो युवक एक 16 वर्षीय आदिवासी नाबालिग छात्रा और 19 वर्षीय युवती को बेहतर काम और ऊंची पगार का झांसा देकर दिल्ली ले जा रहे थे। सतर्क स्वजनों ने रायगढ़ जिले में पहुंचकर दोनों युवतियों को सुरक्षित बचा लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
Publish Date: Fri, 21 Aug 2026 02:33:11 PM (IST)Updated Date: Fri, 21 Aug 2026 02:33:11 PM (IST)
दोनों आरोपित विद्याभूषण लकड़ा और देवलाल तिग्गा गिरफ्तारHighLights
- सरगुजा में मानव तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम।
- अच्छी नौकरी और मोटी पगार दिलाने का लालच देकर फंसाया।
- केरजू पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल।
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर :सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र से मानव तस्करी का मामला सामने आया है। आदिवासी समुदाय की एक नाबालिग छात्रा और एक युवती को बेहतर काम और ऊंची पगार का झांसा देकर दो युवक दिल्ली ले जा रहे थे। स्वजन की सक्रियता से दोनों को रायगढ़ जिले से ट्रेन पकड़ने से पहले पकड़ लिया गया। केरजू पुलिस चौकी ने मामले में मानव तस्करी और अपहरण का केस दर्ज कर दोनों युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
प्रकरण सीतापुर थाना क्षेत्र के केरजू पुलिस चौकी अंतर्गत का है। जानकारी के मुताबिक ग्राम ढोढ़ागांव निवासी कक्षा 10वीं में पढ़ने वाली 16 वर्षीय आदिवासी नाबालिग छात्रा और ग्राम सरगा निवासी 19 वर्षीय युवती दोनों 16 अगस्त से घर से लापता थीं।
स्वजन लगातार दोनों की तलाश कर रहे थे। किसी को बिना बताए अचानक गायब होने से परिवार वाले परेशान थे।तलाश के दौरान स्वजन को सूचना मिली कि दोनों युवतियां रायगढ़ जिले के कापू क्षेत्र में देखी गई हैं और उन्हें दिल्ली ले जाने की तैयारी है।
सूचना के आधार पर 18 अगस्त को स्वजन रायगढ़ जिले के ग्राम केराकछार पहुंचे। वहां दोनों युवतियां दो युवकों के साथ मिलीं। पूछताछ में पता चला कि दोनों युवक उसी दिन रायगढ़ से ट्रेन के जरिए उन्हें दिल्ली ले जाने वाले थे। स्वजन दोनों को सुरक्षित छुड़ाकर वापस केरजू लाए और केरजू पुलिस चौकी में पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई।
केरजू पुलिस ने नाबालिग और युवती से पूछताछ की तो मानव तस्करी की साजिश सामने आई। युवतियों ने बताया कि सिहारजोर निवासी विद्याभूषण लकड़ा और कामोसिनडांड कापू जिला रायगढ़ निवासी देवलाल तिग्गा ने उन्हें दिल्ली में अच्छी नौकरी और मोटी पगार दिलाने का लालच दिया था।
आरोपितों के झांसे में आकर दोनों बिना स्वजम को बताए घर से निकल गईं और आरोपितों के साथ चली गईं। दोनों युवकों ने दो दिन तक उन्हें अपने घर में ही रखा और फिर दिल्ली ले जाने की योजना बनाई थी।
मामले में नाबालिग के पिता की शिकायत पर केरजू पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) अपहरण, 143(1)(क) मानव तस्करी और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
केरजू चौकी प्रभारी राजेश्वर महंत ने बताया कि प्रकरण में मानव तस्करी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों आरोपितों विद्याभूषण लकड़ा और देवलाल तिग्गा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
सरगुजा-जशपुर क्षेत्र में आदिवासी युवतियों को दिल्ली-हरियाणा में काम दिलाने के नाम पर ले जाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। पुलिस ने स्वजन से अपील की है कि अनजान लोगों के झांसे में न आएं और बेटियों के बाहर काम पर जाने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं।