
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार व्यवस्थित इंतजाम करने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक परीक्षा की तिथि को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार परीक्षा मार्च से हो सकता है। इस बार यह होगा कि प्रदेश के सभी जिलों के लिए पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र अलग-अलग होंगे।
इसके पीछे मुख्य उद्देश्य परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखना और प्रश्नपत्र लीक जैसी किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटना है। विभाग का मानना है कि यदि किसी एक जिले में प्रश्नपत्र लीक होता है, तो केवल उसी जिले की परीक्षा निरस्त करनी पड़ेगी, पूरे प्रदेश की नहीं। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि छात्रों को भी अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
इस बार भी पांचवीं-आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं केंद्रीकृत रूप से आयोजित की जाएंगी। लेकिन संचालन जिला स्तर पर किया जाएगा। परीक्षा का संपूर्ण दायित्व जिला शिक्षा अधिकारी के पास रहेगा। प्रश्नपत्र विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से तैयार कराए जाएंगे, ताकि पाठ्यक्रम के अनुरूप और गुणवत्ता पूर्ण प्रश्न शामिल किए जा सकें। शिक्षा विभाग ने यह भी तय किया है कि परीक्षा की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो। इसके लिए परीक्षा केंद्रों के संचालन से लेकर मूल्यांकन तक हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।
पिछले साल प्रदेश में पहली बार पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं एक साथ आयोजित की गई थीं। उस समय सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों को भी केंद्रीकृत परीक्षा में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि कई निजी स्कूलों ने इसमें भाग लिया, लेकिन कुछ स्कूलों ने अपने स्तर पर ही परीक्षा आयोजित कर ली थी। इस बार शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसा नहीं होगा। छत्तीसगढ़ पाठ्यक्रम संचालित करने वाले सभी निजी स्कूलों को अनिवार्य रूप से इस बोर्ड परीक्षा में शामिल होना होगा।
10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर इस बार पांचवीं और आठवीं के प्रश्नपत्र भी नजदीकी थानों में सुरक्षित रखे जाएंगे। परीक्षा से ठीक पहले इन्हें केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जा सकेगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी।
छात्रों और शिक्षकों को परीक्षा पैटर्न की स्पष्ट जानकारी देने के लिए परीक्षा से पहले मॉडल प्रश्नपत्र स्कूलों को भेजे जाएंगे। लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से यह माडल प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे छात्रों को प्रश्नों की प्रकृति समझने में मदद मिलेगी और वे बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति अन्य विद्यालयों से की जाएगी। यानी जिस स्कूल में परीक्षा केंद्र होगा, वहां के शिक्षक केंद्राध्यक्ष नहीं होंगे। इसी तरह उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए अलग से केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र बनाए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित शिक्षक कापियों का मूल्यांकन करेंगे। प्रदेशभर में पांचवीं और आठवीं कक्षा में लगभग नौ लाख छात्र हैं, जो बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे।