भोपाल में बोर्ड ऑफिस चौराहे पर चक्काजाम; सड़क पर उतरे वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थी, थालियां बजाकर मांगी जॉइनिंग
लगातार चार दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद बुधवार को सैकड़ों अभ्यर्थी बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क पर बैठ गए और थालियां बजाकर नियुक्ति की मांग की। इससे एमप...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 06:00:56 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 06:00:56 PM (IST)
भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन से जाम लगा रहा। नईदुनिया।HighLights
- बुधवार को सैकड़ों अभ्यर्थी बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क पर बैठ गए
- थालियां बजाकर नियुक्ति की मांग की, एमपी नगर में लंबा जाम लग गया
- अभ्यर्थी लंबित मामलों के निराकरण और तत्काल जॉइनिंग की मांग पर अड़े
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बुधवार को प्राथमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-3 के अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। लगातार चार दिनों से जारी आंदोलन के बाद सैकड़ों चयनित अभ्यर्थी सड़क के बीचों-बीच बैठकर चक्काजाम कर दिया। अभ्यर्थी हाथों में थालियां बजाकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए अपनी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
चक्काजाम के कारण एमपी नगर और आसपास के इलाकों में यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अभ्यर्थियों को समझाने में जुटे हैं, लेकिन अभ्यर्थी ठोस आदेश मिलने तक हटने को तैयार नहीं हैं।
खुले आसमान के नीचे रात काटने को मजबूर अभ्यर्थी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे 24 अगस्त से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं। मेरिट होल्डर होने के बावजूद उन्हें जॉइनिंग नहीं दी जा रही है। पिछले तीन दिनों से कई अभ्यर्थी अपने छोटे बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 16 सितंबर 2026 को अभाविप प्रतिनिधिमंडल के साथ शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और लोक शिक्षण आयुक्त से मुलाकात कर समस्या बताई गई थी, लेकिन आश्वासन के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
IPS अफसर ने जख्मी युवती को पिलाया जूस
चक्काजाम और नारेबाजी के दौरान मची अफरा-तफरी में भीड़ के बीच एक महिला अभ्यर्थी का पैर दब गया, जिससे वह अचेत होने लगी। इसी दौरान वहां से गुजर रहीं प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारी मिनी शुक्ला तुरंत पास की दुकान पर गईं और जूस लाकर खुद युवती को पिलाया व उसकी स्थिति संभाली।
नए नियमों की वजह से अटकीं 13 हजार नियुक्तियां
अभ्यर्थियों ने बताया कि वर्ष 2024 में पात्रता परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसके बाद अक्टूबर-नवंबर 2025 में चयन परीक्षा हुई। जुलाई 2026 में इसका अंतिम परिणाम जारी किया गया। स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में कुल 13 हजार पद स्वीकृत थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया के बीच में लागू हुए नए नियमों के फेर में चयनितों की नियुक्ति प्रक्रिया खटाई में पड़ गई।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
लंबित प्रकरणों का निराकरण: 25 अगस्त 2025 से संबंधित सभी लंबित विभागीय मामलों का तत्काल समाधान किया जाए।
तत्काल जॉइनिंग: मेरिट सूची में चयनित अभ्यर्थियों की रुकी हुई नियुक्ति और पदस्थापना प्रक्रिया शुरू हो।
प्रावधानों का पालन: आवेदन क्रमांक 49 में दर्ज सभी कानूनी प्रावधानों व शर्तों का अक्षरशः पालन हो।
दस्तावेजी प्रक्रिया: विभागीय स्तर पर अटकी सत्यापन और दस्तावेजी जांच को समयसीमा तय कर पूरा किया जाए।