
कपिल नीले, नईदुनिया, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु डॉ. नरेंद्र धाकड़ के पलासिया स्थित जैन दिवाकर कॉलेज के विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर संकट खड़ा हो गया है। कॉलेज से संचालित विधि और बीएससी के विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं अपना एडमिशन दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर करवाने की गुहार लगा रहे हैं। इसके लिए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के चक्कर लगा रहे हैं।
विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में आवेदन देकर मांग की है कि उन्हें दूसरे कॉलेज में शिफ्ट किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई बीच में न रुके। उधर, कॉलेज ने 2026-27 सत्र को जीरो ईयर घोषित कर दिया है। यहां किसी भी पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में विद्यार्थियों को इस साल प्रवेश नहीं दिया है।
दरअसल, जैन दिवाकर कॉलेज और ट्रस्ट के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी वजह से कॉलेज ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 को जीरो ईयर घोषित किया है। इस सत्र में किसी भी पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में नए विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया है।
कॉलेज प्रबंधन ने इस संबंध में विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर जानकारी भी दी है। इसके बाद विद्यार्थियों ने एडमिशन ट्रांसफर किए जाने पर जोर दिया है। उनका आरोप है कि कॉलेज ने कुछ पाठ्यक्रम बंद कर दिए हैं और उन्हें ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) थमा दिया गया है।
ऐसे में आगे की पढ़ाई को लेकर उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि समय रहते दूसरे कॉलेज में प्रवेश नहीं मिला तो उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने पाठ्यक्रम बंद किए जाने से इन्कार किया है। प्रबंधन के मुताबिक कुछ पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम थी और संबंधित विद्यार्थियों ने खुद टीसी मांगा था। इसी आधार पर उन्हें टीसी दिया गया है।
कॉलेज में बीकाम एलएलबी, बीबीए एलएलबी और बीए एलएलबी सहित विधि के पाठ्यक्रम और तीन बीएससी पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। इन पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में से कई अब दूसरे कॉलेज में प्रवेश चाहते हैं। विश्वविद्यालय में विधि पाठ्यक्रम के दो दर्जन से ज्यादा विद्यार्थियों ने एडमिशन ट्रांसफर के लिए आवेदन किया है। वहीं बीएससी के एक दर्जन से ज्यादा छात्र-छात्राएं जनसुनवाई में अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रख चुके हैं।
विद्यार्थियों की मांग को देखते हुए विश्वविद्यालय अब दूसरे कालेजों में उनके लिए सीट तलाश रहा है। इसके लिए संबंधित कालेजों से रिक्त सीटों की जानकारी मांगी गई है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. अभय गुप्ता का कहना है कि प्रबंधन ने किसी भी कोर्स को बंद नहीं किया है, बल्कि 2026-27 सत्र में किसी भी कोर्स में प्रवेश नहीं दिया है। कॉलेज ने इस सत्र को जीरो ईयर घोषित किया है।
इसे लेकर विद्यार्थी गलत समझ बैठे हैं और उन्होंने खुद ही टीसी मांगी थी। वे कहते हैं कि जल्द ही कनाड़िया स्थित नए भवन में कॉलेज शिफ्ट किया जाएगा। वैसे इन दिनों प्रबंधन प्रवेश और शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए नीतियां बना रहा है।
डीएवीवी के कॉलेज विकास परिषद के निदेशक डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि कॉलेज बंद किए जाने को लेकर प्रबंधन की ओर से कोई लिखित आवेदन विश्वविद्यालय को नहीं मिला है। हालांकि कॉलेज ने वर्तमान सत्र को जीरो ईयर घोषित किया है। उन्होंने बताया कि कई विद्यार्थियों ने एडमिशन ट्रांसफर के लिए आवेदन दिए हैं।
अब विश्वविद्यालय कॉलेज प्रबंधन को पत्र लिखकर पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहेगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी ने कहा कि कुछ दिनों से जैन दिवाकर कॉलेज के विद्यार्थी आ रहे हैं। विधि पाठ्यक्रम के छात्रों ने दूसरे कॉलेज में प्रवेश दिए जाने की मांग की है। विश्वविद्यालय स्तर पर अब मामले की जानकारी जुटाकर विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
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