छत्तीसगढ़ में निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी के छात्रों से फीस से अतिरक्त वसूले जा रहे छह-छह लाख रुपये
CG News: प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) विद्यार्थियों से तय फीस के अतिरिक्त राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है। विद्यार्थि ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 05 Jan 2026 01:04:56 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Jan 2026 01:04:55 PM (IST)
सांकेतिक फोटो।HighLights
- विद्यार्थियों ने लगाया आरोप
- शुल्क निर्धारण के लिए स्पष्ट नियम
- तय फीस में सभी सुविधा शामिल
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) विद्यार्थियों से तय फीस के अतिरिक्त राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है। विद्यार्थियों का आरोप है कि निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी छात्रों से अग्रिम व्यावसायिक प्रशिक्षण (एडवांस प्रोफेशनल ट्रेनिंग) के नाम पर प्रति विद्यार्थी छह-छह लाख रुपये अतिरिक्त लिए जा रहे हैं।
हालांकि, भय की वजह से चिकित्सा शिक्षा विभाग से इसकी शिकायत नहीं की गई है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रवेश के बाद विद्यार्थियों पर राशि जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। शुल्क नहीं देने पर प्रशिक्षण, उपस्थिति और मूल्यांकन को प्रभावित करने की चेतावनी तक दी जा रही है। पहले ही पीजी की फीस लाखों रुपये में होती है, ऐसे में अतिरिक्त राशि की मांग आर्थिक शोषण के समान है।
शुल्क निर्धारण के लिए स्पष्ट नियम
विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में शुल्क निर्धारण के लिए स्पष्ट नियम और शुल्क नियामक समिति मौजूद है। इसके बावजूद कॉलेज प्रबंधन मनमानी कर रहे हैं। यह मामला न केवल शिक्षा के अधिकार से जुड़ा है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी असर डाल सकता है।
तय फीस में सभी सुविधा शामिल
प्रवेश व फीस विनिमायक समिति निजी मेडिकल कॉलेजों में एमएस, एमडी के तीन वर्षों के लिए फीस निर्धारित कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल पाठ्यक्रम के लिए अंतरिम तय फीस में सभी सुविधाएं शामिल हैं।
प्रति वर्ष तय फीस में मेडिकल छात्रों से यूनिफार्म, आइडी कार्ड, लैब, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद, एनएसएस, भवन, फर्नीचर, उपकरण आदि मदों में कोई अतिरिक्त राशि वसूल नहीं की जाएगी। किसी भी तरह की फीस की तय राशि से अधिक की वसूली होने पर निजी मेडिकल कॉलेजों पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले चरण की प्रक्रिया हो चुकी है पूरी
राज्य काउंसिलिंग समिति की ओर से शैक्षणिक सत्र 2025 के लिए पीजी मेडिकल काउंसिलिंग के प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। प्रथम चरण के अंतर्गत कुल 273 सीटों का आवंटन किया गया था, जिसमें शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की 163 और निजी की 110 सीटें शामिल थीं।
125 अभ्यर्थियों ने राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में अपनी सीट सुनिश्चित कर ली है। प्रदेश में विगत अक्टूबर में पीजी की 61 नई सीटें स्वीकृत की गई थीं, जिसके बाद से 377 शासकीय सीटें उपलब्ध हैं। वहीं, निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में कुल 186 सीटें हैं।
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फीस विनियामक समिति की ओर से पीजी विद्यार्थियों के लिए एक निश्चित शुल्क निर्धारित है। इसके बावजूद निजी मेडिकल संस्थान खुलेआम समिति के आदेशों को दरकिनार कर मनमाना व अवैध अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं। यह सीधे-सीधे शिक्षा के नाम पर लूट है। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। निजी संस्थानों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
-डॉ. रेशम सिंह, अध्यक्ष, जेडीए, छत्तीसगढ़
निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा विद्यार्थियों से तय फीस ही ली जाएगी। अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत आती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
-रितेश अग्रवाल, आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा