
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (एडीपीओ) की भर्ती परीक्षा-2026 की तैयारियां शुरू कर दी। 1 नवंबर को होने वाली परीक्षा दोपहर 12 से 3 बजे के बीच रखी गई है। 107 पदों के लिए 15 हजार 924 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। इनके लिए 39 केंद्र बनाए गए है। यहां त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान और सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर जांच की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और प्रवेश पत्र की स्कैनिंग शामिल है। इसके अलावा अभ्यर्थियों की जांच हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) से की जाएगी।
आयोग ने परीक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी की है, जिसमें सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। दोपहर 12 बजे परीक्षा शुरू होने के लिए अभ्यर्थियों को सुबह 10.30 बजे तक केंद्र पहुंच होगा। ताकि जांच बेहतर ढंग से हो सके।
वहीं अभ्यर्थी अपने साथ बालपेन, एक पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र और पहचान पत्र ही ले जा सकेंगे। परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार के पास अनुमत और प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची भी प्रदर्शित की जाएगी।
इंदौर : देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं में नकल रोकने और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आब्जर्वरों की ड्यूटी में बड़ा बदलाव किया है। अब परीक्षा केंद्रों पर तैनात प्रत्येक आब्जर्वर को कम से कम दो सत्रों में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
पहले आब्जर्वरों को सिर्फ एक सत्र की ड्यूटी दी जाती थी। नई व्यवस्था नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू होने वाली परीक्षाओं में लागू होगी। आब्जर्वरों को दो सत्रों का चयन करने की छूट दी गई है। इसके बारे में 30 अक्टूबर तक विश्वविद्यालय को बताना है। नवंबर से दिसंबर के बीच स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें एमए, एमकाम, एमएससी, एमएचएससी और एमएसडब्ल्यू सहित अन्य पाठ्यक्रम शामिल हैं।
इन परीक्षाओं में करीब 15 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं, एलएलबी, बीएएलएलबी, बीकामएलएलबी, बीएससीएलएलबी, एलएलएम और बीएड-एमएड की परीक्षाओं में लगभग 13 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। इस तरह करीब 28 हजार विद्यार्थियों की परीक्षा व्यवस्था संभालना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी।दो महीने तक चलने वाली परीक्षाओं के लिए तीन सत्र निर्धारित किए गए हैं।
पहला सत्र सुबह 7 से 10 बजे, दूसरा सुबह 11 से दोपहर 2 बजे और तीसरा दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक रहेगा। आब्जर्वर अपनी सुविधा के अनुसार दो सत्र चुन सकेंगे।विश्वविद्यालय इन दिनों विभिन्न सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं आब्जर्वर के रूप में ले रहा है।
जिला प्रशासन, वन विभाग, पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत, उच्च शिक्षा और पुलिस विभाग सहित अन्य विभागों के 32 आब्जर्वर बनाए गए है। ये अधिकारी पिछले एक साल से विश्वविद्यालय की परीक्षाओं पर नजर रख रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत इनकी जिम्मेदारी बढ़ाई जा रही है। ताकि परीक्षा केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों की बेहतर निगरानी हो सके।
आब्जर्वरों को परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र के बंडल खोलने, विद्यार्थियों की उपस्थिति, उनकी जांच, शिक्षकों की मौजूदगी और उत्तरपुस्तिकाओं को मूल्यांकन केंद्र भेजने तक की प्रक्रिया पर नजर रखनी होगी। इसके अलावा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था और उनकी निगरानी सुनिश्चित करना है। परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि आब्जर्वर को कम से कम दो सत्र में ड्यूटी देना है। इन्हें प्रत्येक केंद्र की गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार करना होगी।
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