
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में संचालित स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-पीजी) मार्च माह में प्रस्तावित है। इसी दौरान देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) को उच्च शिक्षा विभाग के अकादमिक कैलेंडर के हिसाब से स्नातक परीक्षाएं भी करानी हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
सीयूईटी-पीजी में वही विद्यार्थी शामिल होते हैं, जो अभी स्नातक के तीसरे और चौथे वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं। यदि इसी अवधि में विश्वविद्यालय की परीक्षाएं रखी जाती हैं तो विद्यार्थियों को एक साथ दो बड़ी परीक्षाओं की तैयारी और उपस्थिति में परेशानी हो सकती है। इसके चलते डीएवीवी सीयूईटी-पीजी के शेड्यूल का इंतजार कर रहा है।
विश्वविद्यालय ने स्नातक परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीए, बीकाम, बीएससी, बीबीए, बीसीए, बीएचएससी, बीजेएमसी सहित अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रथम से लेकर चौथे वर्ष तक के विद्यार्थी 31 जनवरी तक परीक्षा आवेदन कर सकते हैं। अभी तक परीक्षा का टाइम टेबल जारी नहीं किया गया है, जिससे विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस स्थिति से निपटने के लिए दो वैकल्पिक योजनाएं तैयार की हैं। पहला प्लान यह है कि यदि अगले सात से दस दिनों के भीतर सीयूईटी-पीजी का शेड्यूल जारी नहीं होता है तो डीएवीवी 1 मार्च से 15 अप्रैल के बीच स्नातक तृतीय और चतुर्थ वर्ष की परीक्षाएं आयोजित कर देगा। जबकि दूसरा प्लान तब लागू होगा जब मार्च में सीयूईटी-पीजी की परीक्षा तय होती है। ऐसी स्थिति में स्नातक परीक्षाओं को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। कुछ विषयों की परीक्षाएं सीयूईटी शुरू होने से पहले कराई जाएंगी। जबकि शेष विषयों की परीक्षाएं सीयूईटी समाप्त होने के बाद रखेंगे। दोनों चरणों के बीच कम से कम 15 दिनों का अंतर रखा जाएगा। ताकि विद्यार्थियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर अगले सप्ताह अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक डा अशेष तिवारी ने बताया कि फिलहाल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से सीयूईटी-पीजी का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं मिला है। जैसे ही स्थिति स्पष्ट होगी, विश्वविद्यालय अपने परीक्षा कार्यक्रम को अंतिम रूप देगा। यदि तीन से चार दिनों में कोई जानकारी नहीं मिलती है, तो डीएवीवी अपनी परीक्षाओं का टाइम टेबल घोषित कर सकता है।