
एजुकेशन डेस्क। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के स्कूली शिक्षा ढांचे को मजबूत करने और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में 20,000 से अधिक पदों पर नई भर्तियों की घोषणा की है। इसके साथ ही प्रदेश भर में 200 नए सांदीपनि विद्यालय और जनजातीय अंचलों में 200 नए स्कूल खोलने का भी फैसला लिया गया है।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा बजट में आए ऐतिहासिक बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 से पहले प्रदेश का स्कूल शिक्षा बजट महज 400 करोड़ रुपये हुआ करता था, जो अब अभूतपूर्व बढ़ोतरी के साथ करीब 38,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग में 20,000 से अधिक खाली पदों को भरने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। इन पदों के लिए योग्यता, चयन प्रक्रिया और आवेदन की तिथियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही विभाग के आधिकारिक नोटिफिकेशन के जरिए जारी कर दी जाएगी। इस फैसले से प्रदेश के हजारों बेरोजगार अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में 200 नए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना का निर्णय लिया है। वर्तमान में मध्य प्रदेश के अंदर 369 सांदीपनि स्कूल पहले से संचालित हो रहे हैं, नई घोषणा के बाद इनकी संख्या में भारी इजाफा होगा।
इसके अतिरिक्त, दूरदराज के आदिवासी इलाकों में शिक्षा की पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से 200 नए स्कूल खोलने को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने छात्रों के प्रोत्साहन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में पहले जहां केवल 500 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़ाकर 1,45,000 विद्यार्थियों तक पहुंच गई है।