
डिजिटल डेस्कः बिहार विधानसभा चुनावों (Bihar Election Result 2025) में इस बार राजद(RJD) का मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण पूरी तरह कमजोर पड़ गया। हालिया नतीजों में एनडीए(NDA) के यादव उम्मीदवारों ने महागठबंधन से अधिक सीटें जीतीं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे बता रहे हैं कि इस बार एनडीए में 31 राजपूत और 22 भूमिहार प्रत्याशी विजयी रहे। सबसे ज्यादा सीटें SC वर्ग के उम्मीदवारों ने जीतीं, जिसके बाद राजपूतों का स्थान रहा। इसके बाद कुर्मी और वैश्य उम्मीदवारों की बारी आती है।

जाति वार (Cast-wise) विश्लेषण से पता चलता है कि सटीक रणनीति, सोशल इंजीनियरिंग और योजनाओं को जनता तक पहुंचाकर एनडीए ने बड़ी जीत दर्ज की। जदयू का लव–कुश (कोइरी, कुर्मी, धानुक) वोट बैंक पूरी मजबूती से साथ खड़ा रहा। वैश्य, सवर्ण और कम जनसंख्या वाली कई जातियां भाजपा के नेतृत्व में एनडीए के पक्ष में एकजुट हो गईं।
इस चुनाव में एनडीए और महागठबंधन दोनों ने अपने पारंपरिक वोटरों के साथ अन्य समुदायों के मजबूत चेहरों को भी टिकट दिए। भाजपा ने अपने हिस्से से किसी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया, लेकिन एनडीए की ओर से कुल पाँच मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में थे। राजद ने सर्वाधिक दांव यादव और मुस्लिम उम्मीदवारों पर लगाया, लेकिन उसका ‘माय’ फॉर्मूला इस बार सफल नहीं हो सका।
जदयू ने ईबीसी उम्मीदवारों को सबसे अधिक टिकट दिए और उन्हें उसी अनुपात में सफलता भी मिली। पूर्व बिहार, कोसी और सीमांचल की 62 सीटों में से 11 पर एनडीए के कुशवाहा, कुर्मी और धानुक प्रत्याशी विजयी हुए।