By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Mon, 04 Dec 2023 01:52:40 PM (IST)Updated Date: Mon, 04 Dec 2023 01:52:40 PM (IST)
MP Election Results 2023: धनंजय प्रताप सिंह, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के शानदार परिणाम ने भाजपा की सत्ता न केवल बरकरार रखी है, बल्कि प्रमाणित भी कर दिया कि 'मध्य प्रदेश के मन में मोदी हैं और मोदी के मन में मध्य प्रदेश'।
मप्र ने लगाई गारंटी पर मुहर
यही भाजपा का वह नारा था, जिसने कठिन दिख रही सत्ता की डगर को भी सहज और प्रचंड विजय पथ बना दिया। मध्य प्रदेश ने मोदी की गारंटी पर मुहर लगा दी, तो भाजपा संगठन के कुशल प्रबंधन ने अमिट छाप छोड़ दी। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने पर सहमति भी दे दी। पिछले कई चुनावों से मतदाताओं का मौन विश्लेषकों के साथ राजनीतिक दलों के लिए भी मुश्किलें बढ़ाने वाला रहा।
भाजपा को मिली ऐतिहासिक विजय
मध्य प्रदेश में भी इसकी निरंतरता महसूस की गई और रविवार को मतगणना शुरू होने तक कह पाना मुश्किल था कि ऊंट किस करवट बैठेगा लेकिन जैसे-जैसे ईवीएम ने अंकों का रहस्य खोलना शुरू किया, वैसे-वैसे मतदाताओं का निर्णय भाजपा की ऐतिहासिक विजय के रूप में सामने आने लगा।
उसी दिन हो गई थी शुरुआत
दरअसल, भाजपा ने चुनाव में उसी दिन बढ़त की शुरुआत कर दी थी, जब पूरी कमान केंद्रीय नेतृत्व और स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने हाथों में ले ली थी। एंटी-इनकम्बेंसी का खतरा मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने बेअसर तो किया ही, मोदी की 14 सभाओं और रोड शो ने कांग्रेस को कोई मौका हाथ नहीं आने दिया।
मप्र में केंद्रीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन
मध्य प्रदेश उन राज्यों में शुमार है, जहां मोदी सरकार की योजनाओं को बेहतर तरीके से जमीन पर उतारा गया है। गरीबों का मकान, फुटकर व्यवसाइयों को ऋण, स्तरीय सड़कों का निर्माण, उद्योगों को राहत, स्वच्छता सहित विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा सरकार ने बेहतर प्रदर्शन किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भी इस चुनाव में कुशल संगठक की पहचान बना ली।
जनता के विश्वास पर विपक्ष के आरोप बेअसर
मध्य प्रदेश में जिस एंटी इनकम्बेंसी का खतरा भाजपा सरकार पर था, उसे मोदी की गारंटी का कवच मिल गया, जो नतीजे में साफ देखा जा सकता है। हालांकि 12 मंत्रियों की हार हुई है, जिसे व्यक्तिगत एंटी-इनकम्बेंसी कहा जाए तो ठीक होगा। पांच साल पहले जिस भाजपा को मध्य प्रदेश में 109 सीटें प्राप्त हुई थीं, उसने यह आंकड़ा 160 के पार ले जाकर दिखा दिया कि मोदी की गारंटी पर मध्य प्रदेश को पूरा भरोसा है।
विश्लेषण से यह जाहिर होता है
चुनाव परिणाम का विश्लेषण बताता है कि भाजपा ने सिर्फ बड़ी जीत हासिल नहीं की है, बल्कि अधिकांश सीटों पर जीत का अंतर चौंकाने वाला है। ऐसा आंकड़ा किसी लहर के प्रभाव में ही देखा जाता रहा है। परिणाम को लेकर अनुमानों में जिस अंडर करंट की चर्चाएं हो रही थीं, वह वास्तव में इसी बड़े अंतर के रूप में सामने आई है। यह मानने में संकोच नहीं होना चाहिए कि जिन भाजपा प्रत्याशियों को बड़े अंतर से जीत मिली है, उन्हें मोदी लहर का सीधा फायदा हुआ है।
अब लोकसभा चुनाव के लिए भी आशान्वित
भाजपा जीत के साथ बड़े अंतर को लेकर लोकसभा चुनाव के लिए भी आशान्वित और उत्साहित हो सकती है। कांग्रेस ने पिछले दो दशकों में यही चुनाव सबसे आक्रामक तैयारी के साथ लड़ा लेकिन परिणाम आगे बढ़ाने के बजाय उलट आ गए। उसका आंकड़ा पिछले चुनाव के आधे से भी नीचे चला गया। ऐसे में वह लोकसभा चुनाव में कोई बड़ा चमत्कारिक प्रदर्शन कर पाएगी, इसकी गुंजाइश काफी कम है।
अभी केवल छिंदवाड़ा ही कांग्रेस के पास
फिलहाल प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से एकमात्र छिंदवाड़ा ही कांग्रेस के पास है। यह आंकड़ा बढ़ सकेगा, इस पर आज की तारीख में कांग्रेस भी भरोसे से कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। विधानसभा चुनाव जो प्रदेश का विषय होता है, उसमें यदि मोदी लहर का इतना गहरा प्रभाव दिखा है, तो लोकसभा चुनाव जो सीधे केंद्र का विषय है और मोदी से जुड़ता है, उसमें मोदी लहर का क्या असर होगा, इसकी झलक आज के चुनाव परिणाम में मिलती है। यह कांग्रेस के लिए भी चेतावनी भरा संकेत है कि छिंदवाड़ा का किला बचाने के लिए उसे आज से ही मेहनत करनी होगी।