
Special Interview: कांग्रेस नेता कमल नाथ कह रहे हैं कि राम मंदिर सभी का है, यदि यह सही है तो भाजपा द्वारा लगाए गए राम मंदिर के पोस्टर से कमल नाथ और कांग्रेस के पेट में दर्द क्यों होता है। कांग्रेस की ओर से ही कोर्ट में कहा गया था कि राम सेतु का अस्तित्व ही नहीं है। यह तुष्टीकरण की राजनीति है, केवल एक अल्पसंख्यक वर्ग को खुश करने और वोटबैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस ने यह किया। उन्होंने कहा कि आज जब कांग्रेस को यह लगने लगा कि देश के 140 करोड़ लोगों के मन में राम विराजित हैं तो प्रदेश कांग्रेस, कमल नाथ, दिग्विजय और बाकी नेताओं को भगवान राम याद आ रहे हैं। यदि उन्हें राम प्रिय हैं तो चुनाव आयोग में जाकर क्यों कह रहे थे कि भाजपा ने राम मंदिर के पोस्टर लगाए। हमारे मन में भगवान राम हैं, उनके मन में बाबर है। कांग्रेस आतंकवादियों का समर्थन करती है। वे हमास का साथ देते हैं। यही उनका मूल चरित्र है।
यह बात प्रदेश भाजपाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने नईदुनिया के राज्य ब्यूरो प्रमुख धनंजय प्रताप सिंह से विशेष बातचीत में कही। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश...
प्रश्न- वर्ष 2018 के चुनाव में कई मुद्दे भाजपा के खिलाफ थे। किसान कर्जमाफी, एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, माई के लाल से सवर्ण नाराज और पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे ने भाजपा के विरुद्ध माहौल बनाया था, इस चुनाव में भी माहौल भाजपा के बहुत अनुकूल क्यों नहीं दिखाई दे रहा है?
शर्मा- वर्ष 2018 में भी जनमत भाजपा को मिला था। सरकार कांग्रेस ने बना ली थी लेकिन भाजपा को एक लाख 10 हजार वोट कांग्रेस से अधिक मिले थे। 2020 में जब कमल नाथ सरकार गिरी तो जनता ने भाजपा को ऐतिहासक समर्थन दिया। आज विकास और गरीब कल्याण का अभियान मप्र में हुआ है, इससे जनता के जीवन में बदलाव आया है। यही भाजपा की ताकत है। इस ताकत के कारण भाजपा बड़े बहुमत से सरकार बना रही है। इसमें कहीं कोई असमंजस नहीं है।
प्रश्न- कांग्रेस इस चुनाव में ओबीसी को चुनावी मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है। क्या मप्र में कांग्रेस को सफलता मिलेगी?
शर्मा- कांग्रेस का चरित्र तोड़ने का रहा है। आज भी कांग्रेस के जींस में अंग्रेजों का डीएनए है। फूट डालो और राज करो की नीति पर कांग्रेस आज भी चल रही है पर हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि सबका साथ सबका विकास। हम सभी को जाड़ने का प्रयास करते हैं। देश के अंदर ओबीसी वर्ग को केवल भाजपा ने न्याय दिया। 29 प्रतिशत विधायक हमने दिए। हमारे 27 प्रतिशत प्रत्याशी ओबीसी है। हमारे पीएम-सीएम ओबीसी हैं। कांग्रेस के नेता ने कोर्ट में ओबीसी आरक्षण के खिलाफ तथ्य रखे थे।
प्रश्न- भाजपा ने संगठन में तो पीढ़ी परिवर्तन कर लिया लेकिन विधानसभा चुनाव के टिकट में नए चेहरे लाने मे सफल नहीं हो पाई?
शर्मा- भाजपा नेतृत्व हमेशा युवाओं को आगे बढ़ाता है। टिकट बंटवारे में हमने सभी को समायोजित किया है। एक प्रत्याशी हमारा 25 वर्ष का है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और युवाओं के साथ तालमेल बनाकर चुनाव लड़ाया जा रहा है।
प्रश्न- भाजपा के सामने ऐसी क्या मजबूरी थी कि तीन केंद्रीय मंत्री और चार सांसदों को चुनाव में उतारा गया?
शर्मा- यह मजबूरी नहीं भाजपा की रणनीति है। मंत्री-सांसद और राष्ट्रीय पदाधिकारियों जैसे अनुभवी और वरिष्ठ लोगों को चुनाव में उतारने से भाजपा को और ताकत मिली है।
प्रश्न- कांग्रेस केवल कमल नाथ को आगे रखकर चुनाव लड़ रही है लेकिन भाजपा ने किसी को आगे नहीं किया, ऐसा क्यो?
शर्मा- भाजपा हमेशा से ही सामूहिक नेतृत्व पर भरोसा करती है। हम टीम भावना से मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री का नेतृत्व हमारे पास है। ऐसे सक्षम नेतृत्व के सामने कमल नाथ जैसे नेता कभी टिक नहीं सकते हैं।
प्रश्न- क्या एमपी के मन में मोदी समा गए हैं?
शर्मा- मप्र के मन में मोदी और मोदी के मन में एमपी, अभियान जब से आरंभ किया है, तब से उसे ऐतिहासिक सफलता मिल रही है। हमारी गरीब कल्याण योजनाओं में करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। इस अभियान में अब तक 40 लाख नए लोग सदस्य बने। आयुष्मान योजना में तीन करोड़ 62 लाख लोगों को पांच लाख रुपये तक का इलाज करने की पात्रता मिली है। 30 लाख लोग तो इलाज भी करवा चुके हैं। 117 करोड़ रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर मप्र को मोदी ने दिया है। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि मोदी के मन एमपी का कितना स्थान है। पीएम ने मप्र में विकास को ताकत देने का काम किया है। अध्यात्म से लेकर सनातन की स्थापना देश में हो रही है इसलिए इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। मप्र में हम डेढ़ सौ से ज्यादा सीट जीतकर सरकार बना रहे हैं।
प्रश्न- क्या आप भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं?
शर्मा- भाजपा में कौन सीएम बनता है, इसका निर्णय नेतृत्व करता है। भाजपा कैडर बेस पार्टी है, कार्यकर्ता होने के नाते हमें जो कार्य दिया गया है, हम वही करते हैं। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, कौन नहीं, यह तो हमारे प्रधानमंत्री, अमित शाह जी और नड्डा जी तय करेंगे।