
Mission Mangal Film Review: इंसान जब भी मुसीबतों से लड़कर कुछ असाधारण उपलब्धि हासिल करता है तो जाहिर तौर पर समाज के लिए प्रेरणा स्त्रोत होता है! जब यह उपलब्धि राष्ट्रीय उपलब्धि बन जाए तो फिर हर भारतीय के मन में एक गर्व पैदा करता है। पिछले कुछ समय से हिंदी सिनेमा कुछ ऐसे ही असाधारण नायकों की कहानियां कह रहा है जिनकी उपलब्धियों से समाज, इंसानियत और देश को एक दिशा मिलती है। ऐसी ही असाधारण कहानी है मिशन मंगल की।
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यह कहानी है राकेश धवन की, जो इसरो में एक वैज्ञानिक है। राकेश को जीएसएलवी C39 प्रोजेक्ट के तहत रॉकेट भेजने का जिम्मा दिया जाता है मगर मिशन असफल हो जाता हैl ऐसे में उनका तबादला कई सालों से बंद पड़े मिशन मंगल डिपार्टमेंट में कर दिया जाता है। वहां उनकी मुलाकात होती है वैज्ञानिक तारा शिंदे (विद्या बालन) से। 1 दिन अचानक तारा को होम साइंस के आधार पर अंतराल में राकेट भेजने का आईडिया आता है। किस तरह से यह मिशन प्रतिरोधों के बावजूद पूरा होता है। किस तरह से बनाई जाती है। किस तरह से यान भेजा जाता है इसी पर आधारित मिशन मंगल।
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गौरतलब है कि यह कैसा मिशन रहा जिसे देख कर दुनिया हैरत में पड़ गई क्योंकि स्पेस की दुनिया का यह सबसे सस्ता और सफल अभियान रहा है निर्देशक जगन शक्ति ने इस कहानी को बहुत ही खूबसूरती से स्क्रीन प्ले में ढाला हैl सारे किरदार उनके ही इशारे पर पूरी पकड़ के साथ पर्दे पर नजर आते हैं। फिल्म में सिर्फ स्पेशल इफेक्ट और कंप्यूटर ग्राफिक्स और काम किया जाता तो बेहतर होता। अंतरिक्ष के दृश्यों में कमजोरी नजर आती है। अभिनय की बात करें राकेश धवन के किरदार में अक्षय कुमार पूरी तरह से जचे है अपने संवादों के माध्यम से वह दर्शकों को मुस्कुराने पर मजबूर कर देते हैं।
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तारा शिंदे के किरदार में विद्या बालन ने भी बहुत खूबसूरती से परफॉर्म किया है। एका गांधी के किरदार में सोनाक्षी सिन्हा एकदम जचती है। तापसी पन्नू को हालांकि बहुत काम नहीं मिला मगर जितना उनके हिस्से आया पूरी ईमानदारी से निभाया है। इसके अलावा विक्रम गोखले दिलीप ताहिल जैसे वरिष्ठ कलाकार फिल्म को और विश्वसनीयता प्रदान करते हैं।
कुल मिलाकर मिशन मंगल एक ऐसी कहानी है जो आपको एक भारतीय होने के नाते गर्व और देश प्रेम से भर देती है और जहां प्रेम होता है आप छोटी मोटी गलतियां माफ कर देते हैं। एक भारतीय होने के नाते गर्व महसूस करने के लिए आप यह फिल्म देख सकते हैं। क्योंकि यह कैसे मिशन पर आधारित है जो दुनिया के लिए मिसाल है।
पराग छापेकर