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‘हे राम’ बोलने पर दिलीप कुमार की फिल्म पर उठा था सवाल! सेंसर बोर्ड ने कहा- ‘आप मुस्लिम हैं, ये डायलॉग कैसे बोल सकते हैं?’

फिल्ममेकर तिग्मांशु धूलिया ने दिलीप कुमार की 1961 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गंगा जमुना' से जुड़ा एक ऐतिहासिक और हैरान करने वाला किस्सा साझा किया है। सेंसर ...और पढ़ें

By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 12:40:25 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 12:40:25 PM (IST)
‘हे राम’ बोलने पर दिलीप कुमार की फिल्म पर उठा था सवाल! सेंसर बोर्ड ने कहा- ‘आप मुस्लिम हैं, ये डायलॉग कैसे बोल सकते हैं?’
1961 की क्लासिक फिल्म 'गंगा जमुना' में दिलीप कुमार। (file photo)

मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में सेंसरशिप को लेकर अक्सर बहस होती रही है, लेकिन करीब छह दशक पुरानी एक कहानी अब फिर चर्चा में आ गई है। फिल्ममेकर तिग्मांशु धूलिया ने दिलीप कुमार की 1961 में आई क्लासिक फिल्म ‘गंगा जमुना’ से जुड़ा एक ऐसा किस्सा सुनाया है, जिसे जानकर शायद आपको भी हैरानी होगी।

तिग्मांशु धूलिया ने द वायर के स्टेट ऑफ मीडिया एंड फिल्म इंडस्ट्री इवेंट में सेंसरशिप पर बात करते हुए दावा किया कि ‘गंगा जमुना’ में एक डायलॉग को लेकर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई थी। मामला इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तक ले जाया गया।


‘हे राम’ बोलने पर क्यों हुई आपत्ति?

तिग्मांशु के मुताबिक, फिल्म में दिलीप कुमार का किरदार गंगा मरते वक्त ‘हे राम’ कहता है। सेंसर बोर्ड ने इसी संवाद पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि बोर्ड की आपत्ति यह थी कि दिलीप कुमार मुस्लिम हैं, इसलिए वह ‘हे राम’ कैसे कह सकते हैं।

हालांकि फिल्म के मेकर्स की दलील बिल्कुल अलग थी। उनका कहना था कि दिलीप कुमार असल जिंदगी में चाहे जिस धर्म से आते हों, लेकिन फिल्म में उनका किरदार गंगा नाम का एक हिंदू व्यक्ति है। इसलिए उसका ‘हे राम’ कहना स्वाभाविक है।

तिग्मांशु ने बताया कि इसके बावजूद सेंसर बोर्ड इस तर्क से सहमत नहीं हुआ और फिल्म को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

मामला पहुंचा तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तक

तिग्मांशु धूलिया के मुताबिक, जब विवाद नहीं सुलझा तो मामला उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तक पहुंचा। उन्होंने दावा किया कि नेहरू ने खुद ‘गंगा जमुना’ देखी और उन्हें फिल्म में ऐसा कुछ आपत्तिजनक नहीं लगा, जिसके आधार पर उसे रोका जाए। इसके बाद फिल्म को रिलीज की मंजूरी मिल गई।

फिर उठने लगा ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ का सवाल

कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। तिग्मांशु ने बताया कि फिल्म को मंजूरी मिलने के बाद एक और चिंता सामने आई। दरअसल, सेंसर बोर्ड के पास उस समय कई दूसरी फिल्में भी मंजूरी का इंतजार कर रही थीं। ऐसे में अगर ‘गंगा जमुना’ को पहले क्लियर कर दिया जाता, तो यह धारणा बन सकती थी कि दिलीप कुमार को प्रधानमंत्री से कथित नजदीकी की वजह से फायदा मिला।

तिग्मांशु के मुताबिक, इसके बाद सेंसर बोर्ड के पास लंबित दूसरी फिल्मों को भी मंजूरी दे दी गई।

दिलीप कुमार ने निभाया था गंगा का किरदार

‘गंगा जमुना’ में दिलीप कुमार ने गंगा नाम के किरदार की भूमिका निभाई थी। दिलीप कुमार का असली नाम मुहम्मद यूसुफ खान था। फिल्म में उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभाया था, जिसकी कहानी सामाजिक और आपराधिक परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ती है।

तिग्मांशु धूलिया जल्द ही फिल्म ‘घमासान’ में भी नजर आने वाले हैं। इसमें अरशद वारसी और प्रतीक गांधी मुख्य भूमिकाओं में हैं और फिल्म 11 सितंबर को ZEE5 पर रिलीज होने वाली है।

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