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मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली. 1913 का दौर था जब भारत में सिनेमा की शुरुआत हो चुकी थी। लेकिन इस समय महिलाओं का फिल्मों में दिखना एक टैबू माना जाता था। इस दौरान न तो महिलाएं फिल्मों में काम कर सकती थी, और न ही उसे थिएटर में देख सकती थी। इस दौरान दादासाहेब फालके की फिल्मों में महिलाओं का किरदार भी पुरुष ही निभाते थे। इस वक्त हिंदी सिनेमा को अपनी पहली एक्ट्रेस मिली। उनका नाम था दुर्गाबाई कामत। उन्होंने फिल्मों में काम करने के लिए काफी हिम्मत दिखाई।
‘मोहिनी भस्मासुर’ में देवी पार्वती बनीं
जब दादा साहेब फाल्के ‘मोहिनी भस्मासुर’ बना रहे थे, तो उन्होंने महिलाओं को कास्ट करने का मन बनाया। काफी दिनों तक तो उन्हें कोई एक्ट्रेस नहीं मिली। लेकिन बहुत ढूंढने पर उनकी मुलाकात दुर्गाबाई कामत से हुई। उन्होंने दादा साहेब की फिल्म में देवी पार्वती का किरदार निभाया। इसी के साथ वो भारत की पहली एक्ट्रेस बन गई। यहां से फिल्मों में महिलाओं के काम करने की शुरुआत हुई।
जब 'मोहिनी भस्मासुर' रिलीज हुई, तो समाज ने दुर्गाबाई और उनकी फिल्म, दोनों का बहिष्कार कर दिया। तब दुर्गाबाई को फिल्में मिलना भी कम हो गई। इस वजह से उन्हें अपना पेट पालने के लिए दूसरा काम भी करना पड़ा। इसके साथ उनकी बेटी कमलाबाई गोखले भी भारत की सबसे पहली चाइल्ड एक्ट्रेस बनीं। उन्होंने भी सबसे पहले मोहिनी भस्मासुर में ही काम किया था।
बचपन से ही एक्टिंग और कला में इंटरेस्ट
दुर्गाबाई कामत का जन्म 1879 में महाराष्ट्र के एक ब्राह्मण फैमिली में हुआ था। माना जाता है कि बचपन से ही उन्हें एक्टिंग में काफी इंटरेस्ट था। वो बचपन में मराठी रंगमंच में भी काम किया करती थी। उन्होंने सिर्फ 7वीं कक्षा तक ही पढ़ाई की हैं। इसके बाद उन्होंने एक टीचर नानोस्कार से शादी कर ली। लेकिन ये शादी भी ज्यादा समय तक नहीं चली।
कामत ट्रैवल थिएटर कंपनी में शामिल थी
दुर्गाबाई कामत सबसे पहले चित्रकार नाटक कंपनी नाम की एक एक ट्रैवल थिएटर कंपनी में शामिल हुई। हमेशा ट्रैवल करने के कारण उन्हें अपनी बेटी को घर पर ही पढ़ाना पड़ता था। इसी दौरान, उन्होंने दादा साहब फाल्के की अगली फीचर फिल्म में अपनी बेटी के साथ काम करने का फैसला लिया।
फिल्मों से पहले दुर्गाबाई कामत मराठी रंगमंच की जानी-पहचानी एक्ट्रेस थी। वहां भी उन्होंने कई सोशल और माईथोसॉजिकल एक्ट्स में लीड रोल्स को निभाया। दुर्गाबाई को कैमरा फेस करना अच्छे से आता था। वो कैमरे के सामने बिल्कुल भी अनकम्फर्टेबल नहीं होती थी।
परिवार के कई लोगों ने सिनेमा में काम किया
दुर्गाबाई कामत के परिवार के सभी लोगों ने सिनेमा में काफी काम किया है। उनकी बेटी कमलाबाई गोखले पहली चाइल्ड एक्ट्रेस बनी। बाद में जाकर वो एक बहुत फेमस एक्ट्रेस भी बनी। इसके बाद उनके बेटे चंद्रकांत गोखले ने लंबे समय तक मराठी सिनेमा में काम किया है। चंद्रकांत गोखले के बेटे विक्रम गोखले भी हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने माने कलाकार रहे।
117 साल तक जिंदा रहने वाली पहली एक्ट्रेस
दुर्गाबाई कामत की मौत 17 मई 1997 को पुणे , महाराष्ट्र में हुई। इस वक्त उनकी उम्र करीब 117 साल की थी। वह सबसे ज्यादा साल जिंदा रहने वाली पहली एक्ट्रेस बन गई। इसके साथ उस साल भारतीय सिनेमा अपने 100 साल पूरे करने की तैयारी कर रहा था।
दुर्गाबाई कामत ने अपने करियर में ज्यादा फिल्मों में काम नहीं किया। लेकिन उन्होंने भारतीय सिनेमा को इवॉल्व होते देखा है। पहले उन्होंने मूक फिल्में जैसे मोहिनी भस्मासुर (1913) और बाबांची बैको (1927) में काम किया। इसके बाद टॉकी फिल्मों के आने के बाद उन्होंने गुलामी जंजीर (1931) में भी काम किया है।