
मनोरंजन डेस्क। आमिर खान के भांजे और एक्टर इमरान खान को विदेशी फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने दूसरा नोटिस जारी कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नोटिस एक्टर के पिटिशन के जवाब में भेजा गया है।
दरअसल, शनिवार को इमरान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने मुंबई पुलिस द्वारा जारी उस नोटिस को चुनौती दी। इसमें उन्हें भारत छोड़ने का आदेश दिया गया था। अब FRRO ने दूसरा नोटिस भेजते हुए उनसे जवाब मांगा है। FRRO ने सवाल किया- आप वजह बताएं कि आपका 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) दर्जा क्यों न रद्द किया जाए।
FRRO के नोटिस में दिल्ली में CJP के 'एंटी-CEC' (CEC के खिलाफ) विरोध प्रदर्शन के दौरान अगस्त क्रांति मैदान में उनकी मौजूदगी का जिक्र है। नोटिस के अनुसार, इस प्रदर्शन के लिए पुलिस से कोई अनुमति नहीं ली गई थी, और गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने के आरोप में उनके तथा अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
FRRO ने उनसे 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत, OCI कार्ड रद्द करने की कोई भी कार्रवाई करने से पहले सुनवाई का मौका देना जरूरी है। FRRO ने यह भी माना है कि केवल FIR दर्ज होना या हिरासत में लिया जाना, लगाए गए आरोपों का पक्का सबूत नहीं है। न ही यह OCI रजिस्ट्रेशन रद्द करने का कोई आधार बनता है। इसी तरह, केवल प्रदर्शन में शामिल होने भर से ही रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आधार नहीं बन जाता।
इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और भारतीय मूल के लोगों के लिए उपलब्ध ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) सुविधा के तहत भारत में रह रहे हैं। 10 अक्टूबर को वह मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने शिकायत दर्ज कराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शिकायत को FRRO के पास भेजा, जिसके बाद भारत छोड़ने का नोटिस जारी हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने के लिए कहा गया है।
यहां एक बात समझना जरूरी है। OCI कार्ड को आम बोलचाल में नागरिकता समझ लिया जाता है, लेकिन यह भारतीय नागरिकता नहीं है। OCI कार्ड वालों को भारत में लंबे समय तक रहने और कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन उन्हें मतदान करने या चुनाव लड़ने जैसे राजनीतिक अधिकार नहीं मिलते।