
मनोरंजन डेस्क। मध्यप्रदेश में जन्में किशोर कुमार को इंडियन सिनेमा का सबसे इनफ्लुएंशियल और बेहतरीन सिंगर माना जाता है। किशोर कुमार का जन्म खंडवा में हुआ था। उन गलियों से निकल कर वह बॉम्बे अपने सपने को पूरा करने आए थे।
किशोर कुमार को अपने करियर में बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर के लिए 8 फिल्म फेयर अवॉर्ड्स मिले थे। कुमार करियर के पीक पर थे, लेकिन 13 अक्टूबर 1987 में महज 58 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनकी डेथ एनिवर्सरी आने वाली है। इस मौके उनके जन्म स्थान खंडवा में भी कई इवेंट्स होने वाले हैं। तो, यहां हम जानेंगे किशोर कुमार के बारे में कुछ ऐसे फैक्ट्स जो बहुत कम लोग जानते हैं-
1929 में जन्मे आभास कुमार गांगुली, यानी किशोर, अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके बाकी भाई-बहनों में अशोक, सती देवी और अनूप शामिल थे। किशोर के पिता कुंजलाल गांगुली एक वकील थे और मध्य प्रदेश के एक अमीर परिवार के लिए काम करते थे। जब किशोर बच्चे थे, तभी उनके बड़े भाई अशोक ने फिल्मों में एक्टिंग शुरू कर दी थी। किशोर अक्सर अशोक के साथ फिल्म सेट पर जाते थे और उन्होंने अपने भाई की फिल्म 'शिकारी' (1946) से एक्टिंग की शुरुआत की। जबकि 1948 की फिल्म 'जिद्दी' से उन्होंने सिंगिंग में कदम रखा। दिलचस्प बात यह है कि किशोर, म्यूजिक कंपोजर बप्पी लहरी के मामा थे।
किशोर कुमार का मन गाने में ही रमा था। लेकिन कम लोग जानते हैं कि वह कभी एक्टर हुआ करते थे। कई सफल फिल्मों में एक्टिंग करने के बाद, एक सिंगर के तौर पर उन्होंने हाथ आजमाया। अपने शुरुआती सालों में किशोर ने मशहूर के.एल. सहगल के अंदाज को अपनाया, लेकिन बाद के सालों में वे पाकिस्तानी सिंगर अहमद रुश्दी से प्रभावित हुए। हालांकि, अनुभवी एस.डी. बर्मन ने 1950 में अशोक के घर पर किशोर को गाते हुए सुना और उन्हें अपना अलग अंदाज बनाने की सलाह दी। किशोर ने यह सलाह मानी। फिर, उन्होंने अमेरिकी सिंगर जिमी रॉजर्स और न्यूजीलैंड-ऑस्ट्रेलिया के मशहूर कंट्री म्यूजिक कलाकार टेक्स मॉर्टन से 'योडलिंग' (yodeling) की कला सीखी और अपना अनोखा अंदाज बनाया।
एस.डी. बर्मन की ट्रेनिंग और गाइडेंस की वजह से, किशोर 1950 से 1970 के दशक तक देव आनंद की आवाज बने रहे। सीनियर बर्मन के साथ जो शुरुआत हुई थी, वह उनके बेटे आर.डी. बर्मन के साथ भी जारी रही। किशोर ने आर.डी. बर्मन की देखरेख में राजेश खन्ना के कुछ बेहतरीन गाने गाए। किशोर ने सबसे ज्यादा गाने राजेश खन्ना (245) के लिए गाए। उसके बाद जितेंद्र, देव आनंद और अमिताभ बच्चन की फिल्मों के लिए गाने गाए।
किशोर कुमार ने अपने करियर में 10 से अधिक भाषाओं में करीब 2900 गाने गाए हैं।
एक समय उनके गानों पर रोक लगा दी गई थी। इमरजेंसी के दौरान, उनसे मुंबई में इंडियन नेशनल कांग्रेस की एक रैली में गाने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके नतीजे में, 1976 से लेकर इमरजेंसी खत्म होने तक नेशनल ब्रॉडकास्टर्स- ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर उनके गाने बजाने पर रोक लगा दी गई थी।
किशोर कुमार ने चार शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी रूमा गुहा ठाकुरता (1950-1958) थीं। दूसरी पत्नी मधुबाला (1960-1969) थीं। खबरों के अनुसार, मधुबाला से शादी करने के लिए उन्होंने इस्लाम अपना लिया था। बाद में, 1976 में उन्होंने एक्ट्रेस योगिता बाली से शादी की। 1978 में उनका तलाक हो गया। 1980 में उन्होंने एक्ट्रेस लीना चंदावरकर से शादी की और 1987 में अपनी मौत तक वे साथ रहे। कहा जाता है कि जब योगिता ने किशोर को छोड़कर मिथुन चक्रवर्ती से शादी की, तो उन्होंने मिथुन के लिए गाना बंद कर दिया था।
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