
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। मुश्ताक खान के निधन पर शुक्रवार को बैहर में कई काराेबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। मुश्ताक खान ने काॅलेज की पढ़ाई बालाघाट के पीजी काॅलेज से पूरी की थी। बैहर के कारोबारी बंटी जैन बताते हैं कि वह हर ईद पर बैहर जरूर आते थे।
उनमें एक बड़ा कलाकार होने का घमंड नहीं दिखा। वह बेहद सरल इंसान थे। वह सालभर में एक-दो बार जरूर बैहर आते और आठ-दस दिन रुकते थे। वह कभी भी पैदल ही बैहर की सड़कों पर घूमने निकल जाते। दुकानों में देर तक बैठकर बातचीत करते और समय बिताते थे।
बैहर में फुटबाॅल या क्रिकेट टूर्नामेंट हों, तो वह वहां जरूर शामिल होते थे। बैहर में उनके बड़े भाई महफूज खान कपड़े का कारोबार करते हैं। जबकि मुश्ताक अपनी पत्नी और बेटे के साथ मुंबई में रहते थे। शुक्रवार को मुंबई में मुश्ताक को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके जनाजे में एक्टर राजपाल यादव, रजत बेदी, आलोक पंडित सहित अन्य कलाकार पहुंचे।
काॅलेज के दिनों में मुश्ताक खान के दोस्त रहे पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा- जब उसे (मुश्ताक खान) काॅलेज में कोई परेशान करता, तो वह उसका बचाव करते थे।
मुंजारे ने बताया कि मुंबई में 1982 के वक्त काफी संघर्ष कर रहे थे। मुश्ताक खान के अन्य दोस्त भाजपा के वरिष्ठ नेता राजकुमार रायजादा ने बताया कि वह 1974 में पीजी काॅलेज में अर्थशास्त्र में एमए करने आए थे। शुरुआत में वे उनके घर में छात्रों के लिए बने किराए के कमरे में रहे। एमए के फाइनल ईयर तक वे मेरे ही कमरे में ही रहकर पढ़े।
पीजी काॅलेज की गैदरिंग के दौरान उन्हें अभिनय के सभी अवार्ड मिले थे। बैहर विधायक संजय उइके ने कहा कि वह एक बेहतरीन कलाकार थे। उन्होंने बालाघाट जैसे छोटे जिले से निकलकर अपनी अदाकारी से बॉलीवुड में नाम कमाया और बालाघाट बैहर का नाम रोशन किया।
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