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मनोरंजन डेस्क। एक्टर नाना पाटेकर के निधन के बाद उनसे जुड़ी कई यादें सामने आ रही हैं। फोटोग्राफर अतुल कासबेकर ने भी सोशल मीडिया पर नाना को याद करते हुए एक लंबा नोट लिखा। इसमें उन्होंने एक्टर के साथ अपने रिश्ते और पुणे स्थित उनके फार्महाउस की एक मुलाकात का किस्सा शेेयर किया।
अतुल ने बताया कि नाना ने अपने फार्महाउस पर अपनी अंतिम यात्रा के लिए लकड़ियां तक संभालकर रखी थीं। नाना ने इसे बेहद सहज अंदाज में समझाया था और उनकी बात में अपने ही अंतिम संस्कार को लेकर भी खास किस्म का डार्क ह्यूमर था।
अतुल कासबेकर ने नाना पाटेकर की एक तस्वीर के साथ उन्हें याद करते हुए लिखा- मेरे और नाना के बीच बेहद गर्मजोशी भरा रिश्ता था। दोनों अक्सर नहीं मिलते थे, लेकिन जब भी मुलाकात होती, ऐसा लगता था जैसे पिछली मुलाकात कल ही हुई हो। नाना अलग मिजाज, बेहद जुनूनी और अपनी शर्तों पर जीने वाले इंसान थे।
अतुल ने बताया कि एक फोटोशूट के सिलसिले में वह नाना के पुणे स्थित फार्महाउस गए थे। वहां उन्होंने देखा कि नाना अपने असिस्टेंट, स्पॉट बॉय और ड्राइवर समेत पूरी टीम के साथ बैठकर खाना खा रहे थे। इतना ही नहीं, अतुल के मुताबिक नाना खुद लोगों को रोटियां और अपने मशहूर मटन की अतिरिक्त सर्विंग दे रहे थे। उनके मुताबिक नाना के व्यक्तित्व में किसी तरह का दिखावा या पद का फर्क नजर नहीं आता था।
अतुल ने फार्महाउस की अपनी उस मुलाकात का एक और दिलचस्प किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया कि नाना उन्हें अपनी प्रॉपर्टी दिखा रहे थे। इसी दौरान वह उन्हें जिम में ले गए और बिना किसी वार्मअप के करीब दर्जन भर ट्राइसेप डिप्स कर दिए।
अतुल ने इस पल को याद करते हुए नाना के लिए मजाकिया अंदाज में लिखा कि वह बिल्कुल तैयार थे। यह कुछ ऐसा था जैसे नाना ने अपनी फिटनेस का अचानक प्रदर्शन कर दिया हो। लेकिन इसके बाद अतुल की नजर उस चीज पर पड़ी, जिसे देखकर उन्हें नाना के अलग तरह के हास्य की याद हमेशा के लिए रह गई।
अतुल ने बताया कि नाना ने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए रखी हुई लकड़ियों का एक ढेर दिखाया था। नाना ने कथित तौर पर बताया कि उन्होंने लकड़ियों को सूखा रखा है, क्योंकि गीली लकड़ी ज्यादा धुआं करती है। वह नहीं चाहते थे कि उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोग धुएं की वजह से आंसू बहाएं।
यानी अपनी मृत्यु और अंतिम संस्कार जैसी गंभीर बात को भी नाना ने अपने खास अंदाज में मजाक में बदल दिया था।
अतुल ने इसे “spectacularly morbid humour” यानी बेहद डार्क और असामान्य हास्य बताया। उन्होंने लिखा कि नाना ऐसे व्यक्ति थे, जो अपनी ही अंतिम विदाई को भी एक कॉमेडी रूटीन में बदल सकते थे।
नाना को याद करते हुए अतुल ने लिखा कि अभिनेता का जाना उन्हें अंदर तक झकझोर देने वाला है। उन्होंने नाना के साथ अपनी मुलाकातों और उनके व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उनके जैसा दूसरा व्यक्ति शायद फिर कभी नहीं होगा।
नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर को 75 साल की उम्र में हुआ। उनके निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों और उनके करीबी लोगों ने उनसे जुड़ी यादें साझा कीं।
वेटरन एक्टर नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर को सुबह 5:20 पर निधन हो गया। वह 75 साल के थे। ANI की रिपोर्ट कि मानें तो उन्हें सीवियर हार्ट अटैक आया था।
मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, डॉक्टर्स ने CPR जरिए 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की थी। लेकिन, एक्टर 'एसिस्टोल' की स्थिति में ही रहे। डॉ. सालकर ने कहा- 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए, उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
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