
मनोरंजन डेस्क। नाना पाटेकर लंबे समय तक स्मोकिंग की आदत से जूझते रहे । उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह 56 साल की उम्र तक रोजाना करीब 60 सिगरेट पीते थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने यह आदत अचानक छोड़ दी। उनके मुताबिक, एक सुबह उन्होंने उठकर तय किया कि अब वह सिगरेट नहीं पिएंगे।
2015 में Times Entertainment को दिए इंटरव्यू में नाना ने बताया था कि उन्होंने 2007-08 के आसपास स्मोकिंग छोड़ी थी। वह उस समय चेन स्मोकर थे और रोज करीब 60 सिगरेट पीते थे। नाना ने बताया कि उनके एक दोस्त की पत्नी, जो उनके लिए बहन जैसी थीं, ने अपना इकलौता बेटा खो दिया था। उसी दौरान नाना को खांसी आ रही थी। तो महिला ने नाना से कहा था- अभी क्या-क्या देखना है मुझे? इस बात ने एक्टर को अंदर तक झकझोर दिया।
नाना ने बताया- यह बात एक तरह का आईना बन गई। मैंने महसूस किया कि अगर इसी तरह स्मोकिंग करता रहा तो उनके अपनों को भी भविष्य में मेरी सेहत को लेकर चिंता और डर से गुजरना पड़ सकता है। इसके बाद मैंने सिगरेट छोड़ने का फैसला कर लिया।
2012 में Times of India को दिए इंटरव्यू में भी नाना ने बताया था कि उन्होंने अचानक स्मोकिंग छोड़ दी थी। एक सुबह वह उठे और खुद से कहा- अब और सिगरेट नहीं।
इसी दौरान वह निर्देशक प्रियदर्शन को भी स्मोकिंग छोड़ने की सलाह दे रहे थे। नाना ने कहा था कि प्रियदर्शन अपनी फिल्मों में इतना डूब जाते हैं कि अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते। जब उन्हें पता चला कि प्रियदर्शन ने भी स्मोकिंग छोड़ने का फैसला किया है, तो उन्हें खुशी हुई।
नाना का अनुभव यह भी दिखाता है कि लंबे समय तक बहुत ज्यादा स्मोकिंग करने की आदत कितनी गहरी हो सकती है। रोज 60 सिगरेट यानी करीब 3 पैकेट, अगर एक पैकेट में 20 सिगरेट मानी जाएं।
स्मोकिंग से शरीर में निकोटीन पहुंचता है, जो बेहद नशे की लत लगाने वाला पदार्थ है। लंबे समय तक तंबाकू का सेवन फेफड़ों की बीमारियों, हृदय रोग, स्ट्रोक और कई तरह के कैंसर का जोखिम बढ़ाता है। हालांकि, स्मोकिंग छोड़ने का फायदा किसी भी उम्र में होता है। छोड़ने के बाद शरीर धीरे-धीरे खुद को रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू करता है और समय के साथ कई स्वास्थ्य जोखिम कम होने लगते हैं।
नाना पाटेकर और आमिर खान की एक बातचीत भी चर्चा में रही है, जिसमें दोनों ने शराब और सिगरेट की आदतों पर बात की थी। आमिर ने बताया था कि वह सिगरेट पीते हैं और पहले शराब भी पीते थे। उन्होंने यह भी कहा था कि वह कई चीजों को हद से ज्यादा करने की प्रवृत्ति रखते हैं। यह जानते हुए भी किसी आदत को छोड़ना उनके लिए मुश्किल होता है।
इस पर नाना ने उन्हें सलाह देते हुए कहा था कि कलाकारों के लिए फिल्में एक तरह की दवा की तरह हैं। इस लिए लगातार काम करते रहना चाहिए।
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