
मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली। मध्यप्रदेश अब शूटिंग हब बनता जा रहा है। लेकिन, क्या आपको पता है कि 1950 के दशक में भी यहां कई आइकॉनिक फिल्मों और गानों की शूटिंग हुई है। फिल्म आह (1953) का गाना रात अंधेरी है इस राज्य के मांडू में शूट किया गया था।
दरअसल, 1950 के दशक में मांडू फिल्म मेकर्स की पहली पसंद नहीं था। रात अंधेरी है के लिए मांडू इसलिए चुना गया क्योंकि यहां के खंडहर, शांत माहौल और ऐतिहासिक इमारतें गाने के दर्द और विरह के भाव से मेल खाती थीं। कहा जाता है कि कैमरे में मांडू किसी सेट से कहीं ज्यादा अच्छा नजर आया था।
कई रिपोर्ट्स की मानें, तो उस दौर में लाइटिंग तकनीक सीमित थी। इसलिए गाने में इस जगह की सुंदरता को दिखाने के लिए इसे नेचपरल लाइटिंग में शूट किया गया था।
वहीं, फिल्म के रिलीज होने के बाद मांडू सिर्फ ऐतिहासिक धरोहर नहीं रहा। बल्कि यह फिल्म प्रेमियों के बीच भी चर्चा में आ गया। इसके कुछ समय बाद यह मेकर्स का फेवरेट शूटिंग हब बन गया। सभी इस जगह शूट करने में एंटरेस्ट दिखाने लगे। आज भी कई फिल्म मेकर्स और एक्टर्स मध्यप्रदेश की कई जगहों पर शूट करते हैं और करना चाहते हैं।
फिल्म में राज कपूर और नरगिस उस दौर की सबसे फेमस ऑनस्क्रीन जोड़ियों में से एक थे। मांडू की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और दोनों कलाकारों की स्क्रीन प्रेजेंस ने गाने के इमोशन को और गहरा बनाया था। आज भी मांडू घूमने आने वाले कई पर्यटक यहां की ऐतिहासिक इमारतों को पुराने हिंदी सिनेमा से जोड़कर देखते हैं।
फिल्म आह 1953 में रिलीज हुई थी। इसमें राज कपूर-नरगिस लीड रोल में नजर आए थे। प्रोड्यूसर भी राज कपूर ही थे। इसे राजा नवाथे ने डायरेक्ट किया था। वहीं, इसके गाने रात अंधेरा है को शंकर-जयकिशन ने गाया था। आह 90 के दशक की सबसे फेमस फिल्मों में से एक थी।
यह भी पढ़ें- 'रात का नशा अभी...' सुनते ही आंखों के सामने आती है सफेद चट्टानें, मध्य प्रदेश की इस जगह ने गाने में भर दिया था जादू