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मनोरंजन डेस्क। 90 के दशक में बॉलीवुड की जिन एक्ट्रेसेज ने अपनी खूबसूरती, एक्टिंग और बेबाक अंदाज से ऑडियंस के दिलों में जगह बनाई, उनमें रवीना टंडन का नाम खास है। ‘मोहरा’ का गाना ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ हो या ‘अंदाज अपना अपना’ की कॉमेडी, रवीना ने अलग-अलग किरदारों से अपनी पहचान बनाई। सलमान खान के साथ फिल्म ‘पत्थर के फूल’ से करियर शुरू करने वाली रवीना ने हिंदी फिल्मों के साथ साउथ सिनेमा और ओटीटी पर भी काम किया।
रवीना की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। क्या आपको पता है कि ‘शोले’ में सांभा का किरदार निभाने वाले मैकमोहन उनके मामा थे? आखिर कैसे उन्हें ‘मस्त-मस्त गर्ल’ का नाम मिला और पिता रवि टंडन की कौन-सी सीख आज भी उनके साथ है? आइए, जानते हैं रवीना टंडन की जिंदगी और करियर से जुड़ी दिलचस्प बातें।
रवीना टंडन का जन्म मुंबई में हुआ। वह फिल्ममेकर रवि टंडन और वीना टंडन की बेटी हैं। उनके नाम ‘रवि’ और ‘वीना’ को मिलाकर ‘रवीना’ रखा गया। परिवार में उन्हें मुनमुन नाम से भी बुलाया जाता था।
रवीना ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जमुनाबाई नरसी स्कूल से की और आगे की पढ़ाई के लिए मीठीबाई कॉलेज में दाखिला लिया। इसी दौरान उन्होंने मॉडलिंग शुरू कर दी। मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे और उनका रुझान फिल्मों की ओर बढ़ता गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा होने से पहले ही पढ़ाई छोड़कर फिल्मी करियर पर ध्यान देना शुरू कर दिया था।
रवीना ने 1991 में फिल्म ‘पत्थर के फूल’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उनके साथ सलमान खान थे। फिल्म में रवीना के एक्टिंग को सराहना मिली और उन्हें फिल्मफेयर का ‘न्यू फेस ऑफ द ईयर’ पुरस्कार भी मिला।
इसके बाद रवीना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 90 के दशक में उन्होंने ‘अंदाज अपना अपना’, ‘मोहरा’, ‘दुल्हे राजा’ और ‘शूल’ जैसी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों में उन्होंने रोमांस, कॉमेडी और गंभीर भूमिकाओं के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।
फिल्म ‘मोहरा’ का गाना ‘टिप टिप बरसा पानी’ आज भी हिंदी सिनेमा के चर्चित गानों में गिना जाता है। इस गाने में रवीना के अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें दर्शकों के बीच खास लोकप्रियता दिलाई।
रवीना के पिता रवि टंडन हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्माता और निर्देशक थे। इसके बावजूद रवीना ने अपने करियर में खुद के दम पर आगे बढ़ने की कोशिश की। उन्होंने कई मौकों पर बताया कि पिता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने और मुश्किल समय में धैर्य बनाए रखने की सीख दी।
रवि टंडन का निधन 11 फरवरी 2022 को हुआ था। रवीना अपने पिता के साथ अपने रिश्ते और उनसे मिली सीख के बारे में भावुक होकर बात करती रही हैं।
उनकी बताई एक सीख का सार यह है कि जिंदगी में गिरना असफलता नहीं है। जिस तरह बच्चा चलना सीखते समय बार-बार गिरकर फिर उठता है, उसी तरह इंसान को भी मुश्किलों के बाद खुद को संभालकर आगे बढ़ते रहना चाहिए।
रवीना टंडन ने एक इंटरव्यू में दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर को लेकर अपने क्रश का जिक्र किया था। ‘बॉम्बे वेलवेट’ के प्रमोशन के दौरान उन्होंने बताया था कि रणबीर कपूर को देखकर उन्हें उनके पिता ऋषि कपूर की याद आ जाती थी।
रवीना ने रणबीर के साथ फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ में काम किया था। यह किस्सा उनके फिल्मी सफर से जुड़ी उन दिलचस्प बातों में शामिल है, जो उनके प्रशंसकों को उनके निजी और पेशेवर अनुभवों की झलक देती हैं।
रवीना ने केवल हिंदी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम किया और नागार्जुन जैसे कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की।
बाद के वर्षों में उन्होंने टेलीविजन पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। साल 2012 में वह ‘इसी का नाम जिंदगी’ शो होस्ट करती नजर आईं। इस कार्यक्रम में सेलिब्रिटीज की जिंदगी और उनके अनुभवों से जुड़ी बातें सामने लाई जाती थीं।
ओटीटी के दौर में भी रवीना ने एक्टिंग जारी रखा। वह नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘अरण्यक’ में नजर आईं। इसके बाद उन्होंने ‘कर्मा कॉलिंग’ और फिल्म ‘पटना शुक्ला’ में काम किया। 2024 में रिलीज हुई ओटीटी फिल्म ‘घुड़चढ़ी’ में वह संजय दत्त के साथ दिखाई दीं।
रवीना टंडन के परिवार से जुड़ी सबसे दिलचस्प बातों में से एक उनका ‘शोले’ के सांभा से रिश्ता है। फिल्म ‘शोले’ में सांभा का किरदार अभिनेता मैकमोहन ने निभाया था। उनका असली नाम मोहन माखिजानी था। फिल्म में उनका डायलॉग ‘पूरे पचास हजार’ काफी लोकप्रिय हुआ।
मैकमोहन रवीना टंडन के मामा थे। रवीना के बचपन का नाम मुनमुन भी उन्हीं से जुड़ा बताया जाता है। यही वजह है कि रवीना का रिश्ता हिंदी सिनेमा की इस कल्ट फिल्म से सिर्फ एक्टिंग या यादों तक सीमित नहीं, बल्कि पारिवारिक भी है।
रवीना टंडन को ‘मस्त-मस्त गर्ल’ के नाम से पहचान दिलाने में फिल्म ‘मोहरा’ के सुपरहिट गाने ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ की अहम भूमिका रही। गाने की लोकप्रियता के साथ यह नाम उनके साथ जुड़ गया और धीरे-धीरे उनकी पहचान का हिस्सा बन गया।
यह गाना आज भी 90 के दशक के लोकप्रिय बॉलीवुड गानों में गिना जाता है। रवीना का अंदाज, डांस और स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी इस गाने की लोकप्रियता की बड़ी वजहों में शामिल रहे।
रवीना टंडन की निजी जिंदगी भी 90 के दशक में काफी चर्चा में रही। उस दौर में उनका नाम अभिनेता अक्षय कुमार के साथ जोड़ा गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों की सगाई की चर्चा भी हुई थी, हालांकि उनका रिश्ता आगे नहीं बढ़ा।
रवीना ने शादी से पहले दो बेटियों, पूजा और छाया, को गोद लिया था। उस समय वह काफी कम उम्र की थीं। बाद में साल 2004 में उन्होंने फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर अनिल थडानी से शादी की। इस शादी से उनके दो बच्चे हैं- बेटी राशा थडानी और बेटा रणबीर थडानी।
राशा थडानी ने भी फिल्मों की दुनिया में कदम रखा है। इस तरह रवीना का परिवार भी सिनेमा से जुड़ा हुआ है और उनकी निजी जिंदगी उनके लंबे फिल्मी सफर का एक अहम हिस्सा रही है।