
मनोरंजन डेस्क। शोले में ठाकुर के किरदार से फेमस एक्टर संजीव कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में कई C-ग्रेड फिल्मों में काम किया है। इस बात का खुलासा फिल्म जर्नलिस्ट हनीफ जावेरी ने एक हालिया इंटरव्यू में किया। हनीफ ने बताया की शुरूआत में संजीव को पैसों की दिक्कत की वजह से काफी स्ट्रगल करना पड़ा था। लेकिन समय के साथ उन्होंने मेन स्ट्रीम सिनेमा में अपनी जगह बना ली।
एक पॉडकास्ट में हनीफ जावेरी ने कहा- संजीव का परिवार बहुत बुरे वरक्त से गुजर रहा था। संजीव उस वक्त फिल्मों में अपनी किस्मत आजमा रहे थे। उनकी मां उनके पिता का डूबता हुआ बिजनेस चला रही थीं और संजीव के पास सिर्फ दो जोड़ी कपड़े ही थे। उन्हें पता नहीं था कि वे जो फिल्में कर रहे थे, वे C-ग्रेड की थीं। उनके पास पैसे की बहुत तंगी थी, इसलिए उन्हें जो भी काम मिलता, वे कर लेते थे।
हनीव ने बताया कि संजीव ने जल्द ही उस दौर के कुछ बेहतरीन फिल्ममेकर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनके C-ग्रेड फिल्में करने के दिन बीत चुके थे, लेकिन उनकी मुश्किल भरी लव लाइफ ने उनकी जिंदगी में काफी उथल-पुथल मचा दी। हेमा मालिनी और नूतन के साथ असफल रोमांस के बाद, संजीव का सुलक्षणा पंडित के साथ रिश्ता बना, जो उस एक्टर की बहुत बड़ी फैन थीं।
हनीफ ने बताया- हालांकि, संजीव सुलक्षणा को पसंद तो करते थे, लेकिन उनसे या किसी और से शादी नहीं करना चाहते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि उनकी कम उम्र में ही मौत हो जाएगी। सुलक्षणा पंडित से मिलने तक उन्हें दो बार हार्ट अटैक आ चुका था। वह किसी से शादी नहीं करना चाहते थे।
उन्हें लगता था कि उनकी जिंदगी छोटी है, और ऐसा इसलिए था क्योंकि उनके परिवार के सभी पुरुषों की मौत 50 साल की उम्र से पहले ही हो गई थी। उन्हें लगता था कि वह भी 50 साल से पहले ही मर जाएंगे, इसलिए वह शादी करके किसी और की लाइफ बर्बाद नहीं करना चाहते थे। यही एकमात्र वजह थी कि उन्होंने उनसे शादी नहीं की।
इसी बातचीत में हनीफ से पूछा गया कि संजीव को कई लोग कंजूस कहते हैं। इस पर जर्नलिस्ट ने कहा- उन्होंने अपने दोस्तों को 96 लाख उधार दिए, जो उन्होंने कभी वापस नहीं किए। उन्होंने अपने ड्राइवर की शादी का खर्च उठाया। उन्होंने अपने एक दोस्त को तोहफे में कार दी। जब संजीव ने अपनी वसीयत बनाई, तो उन्होंने अपने ड्राइवर के बेटे की पढ़ाई के लिए 2 लाख अलग रखे। कंजूस लोग ऐसा नहीं करते। वह बस फिजूलखर्ची के खिलाफ थे।
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