
मनोरंजन डेस्क। नवरात्र हो या रामनवमी, मंदिरों और भक्ति कार्यक्रमों में एक ऐसी गायिका के गीत खूब सुनाई देते हैं, जिन्होंने अपनी आवाज से अलग पहचान बनाई। उनके भजन सुनकर भक्त झूमने लगते हैं। खास बात यह है कि मध्य प्रदेश की रहने वाली शहनाज अख्तर मुस्लिम परिवार में पैदा हुईं, लेकिन उन्होंने माता रानी, भगवान राम और भगवान शिव के भजन गाकर अपना करियर बनाया।
शहनाज अख्तर का ‘भगवा लहराएंगे’ और ‘मुझे चढ़ गया भगवा रंग’ जैसे भक्ति गीत काफी लोकप्रिय हुए। उनके गानों को लेकर जहां सोशल मीडिया पर चर्चा होती रही, वहीं उनकी निजी जिंदगी भी कई बार सुर्खियों में रही। उनके खिलाफ फतवा जारी होने की खबरें भी सामने आईं, हालांकि एक इंटरव्यू में शहनाज ने खुद कहा था कि उनके खिलाफ कभी फतवा जारी नहीं हुआ।
शहनाज अख्तर का जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के बरघाट में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें गाने का शौक था। बताया जाता है कि उन्होंने करीब 10 साल की उम्र में माता के भजन गाना शुरू कर दिया था। वह टेप रिकॉर्डर पर भजन सुनती थीं और उन्हीं को सुनकर गाने का अभ्यास करती थीं।
साल 2005 में उनका पहला भजन एल्बम रिलीज हुआ। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके 75 से ज्यादा भजन एल्बम रिलीज हो चुके हैं। उनकी आवाज में माता रानी के भजन मध्य प्रदेश के अलावा दूसरे हिंदी भाषी राज्यों में भी लोकप्रिय हुए।
शहनाज अख्तर ने माता रानी के भजनों के साथ भगवान राम, भगवान शिव और गणेश जी की भक्ति में भी गीत गाए हैं। उनके कुछ चर्चित गीत और एल्बम के नाम इस प्रकार हैं। यह सूची उपलब्ध संगीत कैटलॉग और आधिकारिक रिलीज पर आधारित है, उनके सभी गानों की पूरी सूची नहीं है।
इनके अलावा शहनाज ने आरती और अन्य भक्ति गीत भी गाए हैं। उनके संगीत कैटलॉग में ‘आरतियां’, ‘गणेश महिमा’, ‘मैया पांव पायलिया’ और ‘सुनो राम कहानी’ जैसे एल्बम दर्ज हैं।
शहनाज अख्तर का मुस्लिम परिवार में जन्म लेने के बावजूद हिंदू देवी-देवताओं के भजन गाना उन्हें बाकी गायकों से अलग पहचान देता है। उनके भजन गाने को लेकर धार्मिक और सामाजिक बहस भी हुई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया था।
हालांकि, शहनाज ने एक इंटरव्यू में इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ कभी फतवा जारी नहीं हुआ।
शहनाज अख्तर की जिंदगी का एक दूसरा पहलू भी है, जिसने उन्हें संगीत की दुनिया से बाहर सुर्खियों में ला दिया। साल 2008 में उनके प्रेमी अजहर खान की हत्या के मामले में पुलिस ने उनसे पूछताछ की थी। बाद में इस मामले में शहनाज, उनके पति एजाज और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अजहर का शव मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की कुरई घाटी के पास मिला था। मामले की सुनवाई के बाद मार्च 2011 में सिवनी की अदालत ने शहनाज अख्तर, उनके पति और अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कुछ बाद की मीडिया रिपोर्ट्स में शहनाज के पैरोल पर जेल से बाहर होने की बात कही गई थी।
शहनाज अख्तर की पहचान सिर्फ उनके लोकप्रिय भजनों तक सीमित नहीं रही। उनका करियर, धार्मिक पहचान को लेकर उठे सवाल और निजी जिंदगी से जुड़े कानूनी विवाद भी लगातार चर्चा का विषय बने। इसके बावजूद उनके कई भजन धार्मिक आयोजनों और ऑनलाइन संगीत मंचों पर सुने जाते हैं।
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