• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मनोरंजन

नवरात्र में गूंजते हैं MP की इस मुस्लिम सिंगर के भजन, ‘भगवा लहराएंगे’ से मिली देशभर में पहचान; फतवे से लेकर हत्या तक… चर्चा में रही जिंदगी

मध्य प्रदेश में जन्मीं मुस्लिम गायिका शहनाज अख्तर नवरात्र का जाना-माना नाम हैं। 10 साल की उम्र से भजन गाने वाली शहनाज को 'भगवा लहराएंगे' जैसे सुपरहिट ...और पढ़ें

By Akriti kumariEdited By: Akriti kumari
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 12:22:54 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 12:22:54 PM (IST)
नवरात्र में गूंजते हैं MP की इस मुस्लिम सिंगर के भजन, ‘भगवा लहराएंगे’ से मिली देशभर में पहचान; फतवे से लेकर हत्या तक… चर्चा में रही जिंदगी
10 साल की उम्र से भजनों का सफर और 75+ एल्बम

HighLights

  1. 'भगवा लहराएंगे' भजन से देशभर में मिली खास पहचान
  2. 10 साल की उम्र से भजनों का सफर और 75+ एल्बम
  3. विवादों, कानूनी मामलों और संगीत के बीच चर्चा में रही जिंदगी

मनोरंजन डेस्क। नवरात्र हो या रामनवमी, मंदिरों और भक्ति कार्यक्रमों में एक ऐसी गायिका के गीत खूब सुनाई देते हैं, जिन्होंने अपनी आवाज से अलग पहचान बनाई। उनके भजन सुनकर भक्त झूमने लगते हैं। खास बात यह है कि मध्य प्रदेश की रहने वाली शहनाज अख्तर मुस्लिम परिवार में पैदा हुईं, लेकिन उन्होंने माता रानी, भगवान राम और भगवान शिव के भजन गाकर अपना करियर बनाया।

शहनाज अख्तर का ‘भगवा लहराएंगे’ और ‘मुझे चढ़ गया भगवा रंग’ जैसे भक्ति गीत काफी लोकप्रिय हुए। उनके गानों को लेकर जहां सोशल मीडिया पर चर्चा होती रही, वहीं उनकी निजी जिंदगी भी कई बार सुर्खियों में रही। उनके खिलाफ फतवा जारी होने की खबरें भी सामने आईं, हालांकि एक इंटरव्यू में शहनाज ने खुद कहा था कि उनके खिलाफ कभी फतवा जारी नहीं हुआ।


10 साल की उम्र से गाने लगी थीं भजन, 2005 में आया पहला एल्बम

शहनाज अख्तर का जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के बरघाट में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें गाने का शौक था। बताया जाता है कि उन्होंने करीब 10 साल की उम्र में माता के भजन गाना शुरू कर दिया था। वह टेप रिकॉर्डर पर भजन सुनती थीं और उन्हीं को सुनकर गाने का अभ्यास करती थीं।

साल 2005 में उनका पहला भजन एल्बम रिलीज हुआ। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके 75 से ज्यादा भजन एल्बम रिलीज हो चुके हैं। उनकी आवाज में माता रानी के भजन मध्य प्रदेश के अलावा दूसरे हिंदी भाषी राज्यों में भी लोकप्रिय हुए।

‘भगवा लहराएंगे’ से ‘राम आएंगे’ तक, ये हैं शहनाज के लोकप्रिय भजन

शहनाज अख्तर ने माता रानी के भजनों के साथ भगवान राम, भगवान शिव और गणेश जी की भक्ति में भी गीत गाए हैं। उनके कुछ चर्चित गीत और एल्बम के नाम इस प्रकार हैं। यह सूची उपलब्ध संगीत कैटलॉग और आधिकारिक रिलीज पर आधारित है, उनके सभी गानों की पूरी सूची नहीं है।

राम और भगवा रंग से जुड़े गीत

  • भगवा लहराएंगे
  • भगवा रंग
  • राम आएंगे
  • मेरे घर राम आए हैं
  • सुनो राम कहानी
  • सियाराम की सुनो कहानी

माता रानी के लोकप्रिय भजन

  • छुम छुम छनन बाजे
  • मैया पांव पैजनिया
  • माई जगदंबे के द्वार लंगुरिया नाचे
  • मोरी मैया की चुनर उड़ जाए
  • अंबा माई उतरी है बाग में
  • आल्हा की ध्वजा नहीं आई हो मां
  • चाली आना मेरी मां
  • मां जगदंबा के भजन
  • मैया खेलत आ गई
  • लिफाफा मोरी मैया का

भगवान शिव और गणेश जी के भजन

  • मेरे भोले बाबा देते छप्पर फाड़के
  • शिव की बारात
  • नंदी पे सवार भोले चले
  • मुझे लेके चलो ना महाकाल के मेले में
  • तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में
  • गणेश महिमा
  • गजानन आए हैं
  • तुम हो गणेश
  • अरज सुनो गणराजा
  • महा मृत्युंजय मंत्र

इनके अलावा शहनाज ने आरती और अन्य भक्ति गीत भी गाए हैं। उनके संगीत कैटलॉग में ‘आरतियां’, ‘गणेश महिमा’, ‘मैया पांव पायलिया’ और ‘सुनो राम कहानी’ जैसे एल्बम दर्ज हैं।

मुस्लिम होकर भजन गाने पर हुई चर्चा

शहनाज अख्तर का मुस्लिम परिवार में जन्म लेने के बावजूद हिंदू देवी-देवताओं के भजन गाना उन्हें बाकी गायकों से अलग पहचान देता है। उनके भजन गाने को लेकर धार्मिक और सामाजिक बहस भी हुई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया था।

हालांकि, शहनाज ने एक इंटरव्यू में इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ कभी फतवा जारी नहीं हुआ।

प्रेमी अजहर खान की हत्या के मामले में मिली थी उम्रकैद की सजा

शहनाज अख्तर की जिंदगी का एक दूसरा पहलू भी है, जिसने उन्हें संगीत की दुनिया से बाहर सुर्खियों में ला दिया। साल 2008 में उनके प्रेमी अजहर खान की हत्या के मामले में पुलिस ने उनसे पूछताछ की थी। बाद में इस मामले में शहनाज, उनके पति एजाज और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अजहर का शव मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की कुरई घाटी के पास मिला था। मामले की सुनवाई के बाद मार्च 2011 में सिवनी की अदालत ने शहनाज अख्तर, उनके पति और अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कुछ बाद की मीडिया रिपोर्ट्स में शहनाज के पैरोल पर जेल से बाहर होने की बात कही गई थी।

विवादों के बीच जारी रहा भक्ति गीतों का सफर

शहनाज अख्तर की पहचान सिर्फ उनके लोकप्रिय भजनों तक सीमित नहीं रही। उनका करियर, धार्मिक पहचान को लेकर उठे सवाल और निजी जिंदगी से जुड़े कानूनी विवाद भी लगातार चर्चा का विषय बने। इसके बावजूद उनके कई भजन धार्मिक आयोजनों और ऑनलाइन संगीत मंचों पर सुने जाते हैं।

यह भी पढ़ें- MP के 5 सबसे लोकप्रिय माता के भजन, जिनके बिना अधूरा लगता है नवरात्रि के पंडालों का जश्न, देखें लिस्ट