
मनोरंजन डेस्क। नवरात्रि शुरू होते ही मंदिरों से लेकर माता के पंडालों तक भक्ति का माहौल बन जाता है। कहीं ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई देती है, तो कहीं लाउडस्पीकर पर बजते माता के भजन भक्तों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं। मध्यप्रदेश में भी कुछ ऐसे भक्ति गीत हैं, जो नवरात्रि के दौरान खूब सुनाई देते हैं। खास बात यह है कि इनमें कई गाने अपनी तेज धुन, लोक म्यूजिक और माता की भक्ति से जुड़े बोलों के कारण लोगों के बीच खास पहचान बना चुके हैं।
इनमें शहनाज अख्तर के जोशीले भजनों से लेकर मैहर वाली शारदा माता की स्तुति में गाए गए आल्हा तक शामिल हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही पांच लोकप्रिय माता के भजनों के बारे में और यह भी कि इन्हें किसने गाया और ये कब रिलीज हुए।
नवरात्रि में सुनाई देने वाले भजनों की इस सूची में पहला नाम ‘चुन चुन चना ना ना बाजे’ का है। हालांकि, आज तक इस नाम से गाने के गायक, एल्बम और रिलीज के साल की पुष्टि करने वाला कोई ऑफिशियल रिकॉर्ड नहीं मिला था। लेकिन यह हम सभी के बचप की यादों से जुड़ा गाना है।
मैहर की मां शारदा को समर्पित यह भजन मध्यप्रदेश में खास पहचान रखता है। इसे संजो बघेल ने गाया है। गाने के बोल संजय तिवारी ने लिखे हैं और म्यूजिक बच्चा जी ने दिया है।
इस भजन का वीडियो 3 सितंबर 2015 को वेव म्यूजिक भक्ति के यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित हुआ था। आल्हा गायन की शैली में मां शारदा की महिमा का वर्णन इस गीत को दूसरे भजनों से अलग बनाता है।
मध्यप्रदेश की जानी-पहचानी भजन गायिका शहनाज अख्तर की आवाज में गाया गया यह भजन माता के दरबार में उमड़ती भक्तों की आस्था को दिखाता है। इसके बोल हैं- ‘मेरी मैया तेरे दरबार ये, दीवाने आए हैं।’
इस भजन के बोल भी शहनाज अख्तर ने लिखे हैं, जबकि म्यूजिक प्रतीक श्रीवास्तव ने दिया है। यह गीत नवरात्रि और जागरण के दौरान सुने जाने वाले भजनों में शामिल है।
शहनाज अख्तर का एक और चर्चित भजन है ‘खेल पंडा, खेल पंडा रे’। यह गीत उनके एल्बम मैया पांव पैजनिया पार्ट 2 में शामिल है।
एप्पल म्यूजिक पर इस गाने की रिलीज डेट 18 मई 2009 दर्ज है, जबकि अमेजन म्यूजिक पर इसी एल्बम का रिकॉर्ड 1 नवंबर 2007 का मिलता है।
मां काली की आराधना से जुड़ा ‘काली काली अमावस की रात में’ अपनी गंभीर धुन और मां महाकाली के शक्तिशाली स्वरूप के वर्णन के लिए जाना जाता है। इस भजन को रामकिशोर रागी ने गाया है। यह काली काली है महाकाली एल्बम से जुड़ा है और इसका म्यूजिक लेबल तरंग म्यूजिक बताया गया है। भजन के बोलों में मां महाकाली और काल भैरव का वर्णन मिलता है।
यह भी पढ़ें- 'फिल्म बन गई, पर कौन राजकुमार राव?' उज्जवल निकम का हैरान करने वाला खुलासा; बोले- मुझे तो नाम भी नहीं पता था