
मनोरंजन डेस्क। फिल्ममेकर वासु भगनानी को लंदन के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो जब न्यूज एजेंसी ANI ने वासु के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने सभी सो प्राइवेसी की मांग की है।
दरअसल, डायरेक्टर के एडमिट होने की खबर तक सामने आई जब ठीक एक दिन पहले मुंबई इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फंड में गड़बड़ी के शक में भगनानी, उनकी बहू रकुल प्रीत सिंह और पैनोरमा स्टूडियो से जुड़ी 12 जगहों पर तलाशी ली थी।
NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इनकम टैक्स का मानना है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने के नाम पर कथित तौर पर फंड को विदेश भेजा जा रहा था। जांच चल रही है और अधिकारी फाइनेंशियल रिकॉर्ड और कथित विदेशी लेन-देन की डिटेल्स की जांच कर रहे हैं।
वासु भगनानी 'पूजा एंटरटेनमेंट' के फाउंडर हैं। इस हाउस के बौनर तले 'कुली नंबर 1', 'हीरो नंबर 1', 'बड़े मियां छोटे मियां' और 'बीवी नंबर 1' जैसी कई पॉपुलर फिल्में बना चुकी हैं।
हाल के सालों में इस प्रोडक्शन हाउस को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इसकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाईं। इनमें वरुण धवन की 'कुली नंबर 1' का रीमेक, 'मिशन रानीगंज' और 'बड़े मियां छोटे मियां' का 2024 वाला रीमेक शामिल हैं। इनकी हालिया रिलीज फिल्म 'मेरे हसबैंड की बीवी' थी, जिसमें भगनानी की बहू रकुल प्रीत सिंह ने काम किया था। यह 2025 में रिलीज हुई थी।
'बड़े मियां छोटे मियां' को 400 करोड़ के बजट में बनाया गया था। इसके रिलीज होने के बाद 'पूजा एंटरटेनमेंट' और अब्बास जफर के बीच विवाद सामने आया था। वासु भगनानी ने जफर पर फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि वे आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और फिल्म की शूटिंग के दौरान अबू धाबी अधिकारियों से मिली सब्सिडी फंड के घोटाले में शामिल थे।
उसी दौरान, क्रू के कई सदस्यों ने पूजा एंटरटेनमेंट पर उनके बकाया पैसे न देने का आरोप लगाया। जफर ने भी कथित तौर पर 7.3 करोड़ की बकाया फीस को लेकर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज (FWICE) से संपर्क किया।
इससे पहले, जैकी भगनानी भी बड़े मियां छोटे मियां को लेकर बात कर चुके हैं। 'स्क्रीन' से बात करते हुए उन्होंने कहा था- रे लिए, यह एक बहुत बड़ी सीख रही है। हमने बहुत पैसा लगाया और मुझे एहसास हुआ कि सिर्फ बड़े पैमाने (स्केल) पर फिल्म बनाना ही काफी नहीं है। कहीं न कहीं, हमें लगा कि जो कंटेंट बनाया गया, वह दर्शकों को बिल्कुल भी पसंद नहीं आया मैं यह कहना चाहूंगा कि रिटर्न 50% से भी कम रहा है। मुझे नहीं लगता कि कोई भी हमारे दर्द को समझ सकता है। एक परिवार के तौर पर, हमने यह फिल्म बनाने के लिए अपनी प्रॉपर्टी गिरवी रखी। हमें एहसास है कि अब कुछ भी कहने या बोलने का कोई फायदा नहीं है।
उन्होंने आगे कहा- हमने इस उम्मीद और भरोसे के साथ निवेश किया था कि एक अच्छा कंटेंट बनेगा और दर्शकों को पसंद आएगा। सच तो यह है कि यह सब बस शोर-शराबा है; अगर फिल्म अच्छा करती, तो कोई विवाद नहीं होता। किसी का पक्ष लेना मेरी आदत नहीं है, लेकिन मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि वह मुश्किल समय था और यह बहुत जरूरी है कि हम सभी एक-दूसरे के पैसे को लेकर बहुत सावधान रहें।