
मनोरंजन डेस्क। बॉलीवुड में आमतौर पर फिल्मों की शूटिंग कहानी के क्रम में नहीं, बल्कि लोकेशन, कलाकारों की उपलब्धता और प्रोडक्शन की जरूरतों के हिसाब से होती है। लेकिन इम्तियाज अली की फिल्म ‘रॉकस्टार’ की मेकिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा है। साल 2011 में रिलीज हुई इस फिल्म की शूटिंग में रणबीर कपूर के लंबे बालों और बदलते लुक को ध्यान में रखते हुए कई सीन उल्टे क्रम में फिल्माए गए। यहां तक कि फिल्म के क्लाइमेक्स की शूटिंग भी पहले की गई।
फिल्म में रणबीर कपूर ने जनार्दन जाखड़ का किरदार निभाया था, जो एक साधारण लड़के से मशहूर रॉकस्टार जॉर्डन बन जाता है। इस सफर में उसके कपड़े, हेयरस्टाइल, हाव-भाव और जिंदगी को देखने का नजरिया बदलता है। पर्दे पर दिखने वाला यही बदलाव पर्दे के पीछे भी एक चुनौती था।
‘रॉकस्टार’ में रणबीर कपूर का लुक कहानी के अलग-अलग पड़ावों को दिखाता है। शुरुआत में जनार्दन एक सामान्य कॉलेज स्टूडेंट की तरह नजर आता है, जबकि बाद के हिस्सों में वह लंबे बालों और अलग अंदाज वाला रॉकस्टार बन जाता है।
अगर टीम पहले छोटे बालों वाले सीन शूट करती और बाद में लंबे बालों वाले हिस्सों पर पहुंचती, तो रणबीर के बालों की लंबाई और लुक को कहानी के मुताबिक बनाए रखना मुश्किल हो सकता था। लंबे बालों को बढने में समय लगता है और शूटिंग के बीच हेयरस्टाइल में बदलाव होने से किरदार की निरंतरता प्रभावित हो सकती थी।
इसी चुनौती को ध्यान में रखकर फिल्म के लंबे बालों वाले हिस्सों को पहले शूट किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्लाइमेक्स की शूटिंग भी पहले हुई। इस तरह टीम ने रणबीर के लुक को संभालते हुए शूटिंग का शेड्यूल तैयार किया।
‘रॉकस्टार’ में सिर्फ हेयरस्टाइल ही नहीं, बल्कि रणबीर के कपड़े भी उनके किरदार के सफर को दिखाते हैं। फिल्म के कॉस्ट्यूम ड़िजाइन में अकी नरूला और मनीष मल्होत्रा ने काम किया था।
जॉर्डन के कुछ लुक में उसके पुराने जीवन की झलक दिखाई देती है। उदाहरण के लिए, प्राग वाले हिस्सों में पहना गया उसका खाकी कुर्ता सिर्फ एक सामान्य कॉस्ट्यूम नहीं था। उसकी हूड़ी का हिस्सा कॉलेज की टी-शर्ट से जुड़ा था, जबकि कुर्ता उसके दरगाह वाले दौर की याद दिलाता था। पुराने कपड़ों और छोटी-छोटी चीजों के जरिए उसके बीते जीवन को नए लुक में शामिल किया गया।
यानी जॉर्डन का स्टाइल अचानक नहीं बदलता, बल्कि उसके जीवन में आए अनुभवों की परतें उसके पहनावे में भी दिखाई देती हैं।
रणबीर कपूर ने जनार्दन और जॉर्डन के किरदार के अंतर को समझने के लिए भी मेहनत की। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पंजाब में एक जाट परिवार के साथ समय बिताया, ताकि उनके बोलने, खाने-पीने और रोजमर्रा की आदतों को समझ सकें। उन्होंने एआर रहमान के स्टूड़ियो में गिटार की प्रैक्टिस भी की।
फिल्म में संगीत सिर्फ मनोरंजन का हिस्सा नहीं, बल्कि जॉर्डन की पहचान और उसकी भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम बनता है। ‘साड्डा हक’, ‘कुन फाया कुन’ और ‘नादान परिंदे’ जैसे गानों ने इस किरदार की अलग-अलग मनःस्थितियों को पर्दे पर उभारा।
‘रॉकस्टार’ की मेकिंग का यह किस्सा बताता है कि फिल्म की शूटिंग हमेशा कहानी के क्रम में करना जरूरी नहीं होता। कभी-कभी कलाकार के लुक, कॉस्ट्यूम और प्रोड़क्शन की जरूरतों के हिसाब से भी फैसले लिए जाते हैं। पर्दे पर सहज दिखने वाले किरदार के पीछे ऐसे ही कई तकनीकी फैसले छिपे होते हैं।
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